कैसा था पाषाण युग? जहां ट्रंप ने ईरान को भेजने की दी थी धमकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए आक्रामक लहजे में कहा था कि अगले दो से तीन हफ्तों में हम ईरान पर इतना भीषण हमला करेंगे कि वह पाषाण युग में पहुंच जाएगा, जहां उसकी असली जगह है. जानें, कैसा था पाषाण युग? जहां ट्रंप ने ईरान को भेजने की दी थी धमकी

क्या आप जानते हैं कि असल में पाषाण युग कैसा था? इतिहास के पन्नों को पलटें तो पाषाण युग मानव सभ्यता का वह शुरुआती हिस्सा है जो लगभग 25 लाख साल पहले शुरू हुआ और करीब 5,000 साल पहले खत्म हुआ. यह वह समय था जब इंसान के पास न बिजली थी, न घर और न ही आज की तरह सुख-सुविधाएं.
कैसे पड़ा पाषाण युग का नाम?
2 / 5पाषाण युग का नाम 'पाषाण' (पत्थर) इसलिए पड़ा क्योंकि उस समय पत्थर ही इंसान का सबसे बड़ा हथियार और औजार था. आदिमानव ईंट-पत्थर के घरों में नहीं, बल्कि प्राकृतिक गुफाओं में रहते थे या पेड़ों के नीचे शरण लेते थे. वे जंगली जानवरों से बचने के लिए गुफाओं के मुहाने पर आग जलाकर रखते थे.
क्या खाता था उस दौर का इंसान?
3 / 5उस समय खेती बहुत कम होती थी. पाषाण युग के इंसान जंगली जानवरों का शिकार करते थे और मछलियां पकड़ते थे. इसके अलावा जंगलों से कंद-मूल, फल, बेरीज और बीज इकट्ठा करके अपना पेट भरते थे. शुरुआत में वे कच्चा मांस खाते थे, लेकिन आग की खोज के बाद उन्होंने मांस को भूनकर खाना शुरू किया.
रहन-सहन और पहनावा
4 / 5उस दौर में कपड़े सिलने की मशीनें नहीं थीं. कड़ाके की ठंड और मौसम की मार से बचने के लिए आदिमानव जानवरों की खाल, पेड़ों की छाल और बड़े पत्तों को शरीर पर लपेटते थे. वे समूहों में रहते थे ताकि शिकार करना आसान हो और दुश्मनों से रक्षा हो सके.
सैन्य शब्दावली में समझें मतलब
5 / 5सैन्य शब्दावली में किसी देश को 'पाषाण युग' में भेजने का अर्थ है उसके आधुनिक जीवन के आधार को पूरी तरह नष्ट कर देना. जैसे देश का पावर सिस्टम तबाह करना ताकि कोई लाइट या मशीनरी न चले. आवाजाही के सभी रास्ते बंद कर देना. इंटरनेट, फोन और सैटेलाइट सिस्टम को ठप करना.



















