अंतरिक्ष से रह-रहकर क्यों आ रही 'चीख'? हर 30 मिनट में वैज्ञानिकों के छूट रहे पसीने!
ब्रह्मांड की अनंत गहराइयों से हर 30 मिनट में आने वाले रहस्यमयी संकेतों ने भारतीय वैज्ञानिकों को हैरत में डाल दिया है. आखिर कौन है जो अंतरिक्ष से ये अजीबोगरीब संदेश भेज रहा है?

भारतीय वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष की गहराइयों से आने वाले एक अनोखे रेडियो सिग्नल का पता लगाया है जो हर 20 से 30 मिनट के अंतराल पर धड़क रहा है. रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट और पुणे के जीएमआरटी की टीम इस पहेली को सुलझाने में जुटी है कि आखिर हमारी आकाशगंगा के पास से ये संकेत कौन भेज रहा है.
क्यों उड़े होश?
2 / 6वैज्ञानिकों ने एम74 एक्स-1 नामक सोर्स से ऊर्जा के जबरदस्त विस्फोट होते देखे हैं जो एक निश्चित समय के बाद बार-बार दोहराए जा रहे हैं. आमतौर पर मिलने वाले सिग्नल कुछ ही सेकंड के होते हैं लेकिन यह नया सिग्नल हर आधे घंटे में आता है और कई मिनटों तक सक्रिय रहता है.
क्या ये एलियंस हैं?
3 / 6जब भी कोई सटीक अंतराल वाला सिग्नल मिलता है तो एलियंस की चर्चा शुरू हो जाती है लेकिन वैज्ञानिक इसे एक अल्ट्रा-लॉन्ग पीरियड मैग्नेटर मान रहे हैं. यह एक मृत तारे का अवशेष हो सकता है जिसका चुंबकीय क्षेत्र बहुत शक्तिशाली है और यह धीरे-धीरे घूमते हुए रेडियो तरंगें छोड़ रहा है.
भारत का योगदान?
4 / 6इस बड़ी खोज में पुणे स्थित जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप यानी जीएमआरटी का सबसे अहम रोल रहा है जो दुनिया के सबसे संवेदनशील टेलिस्कोप में से एक है. भारतीय वैज्ञानिकों ने अपनी देसी तकनीक के जरिए इन सिग्नलों को पकड़ा और उनकी फ्रीक्वेंसी की बारीकी से जांच की जिससे नई जानकारी मिली.
क्या छिपा है राज?
5 / 6एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह खोज ब्रह्मांड और तारों के अंत के बारे में हमारी पुरानी समझ को पूरी तरह से बदल सकती है. वैज्ञानिक हैरान हैं कि यह पिंड इतनी ऊर्जा कैसे पैदा कर रहा है कि करोड़ों मील दूर पृथ्वी पर भी इसके धमाके साफ सुनाई दे रहे हैं.
क्या है भविष्य?
6 / 6भारतीय वैज्ञानिक अब इस सिग्नल का और भी गहराई से अध्ययन कर रहे हैं ताकि अंतरिक्ष के पुराने सवालों के सटीक जवाब मिल सकें. अगर यह कोई नई खगोलीय घटना साबित होती है तो स्पेस साइंस के क्षेत्र में भारत के नाम एक नया और सुनहरा अध्याय जुड़ जाएगा.



















