दुनिया में पहली बार कब लागू किया था 'क्वारंटीन' का नियम? COVID-19 आने से वर्षों पहले 30 दिन तक बंद कमरे में रहे लोग, जानिए क्यों

आज कोरोना महामारी के बाद लगभग हर व्यक्ति क्वारंटीन शब्द को जानने लगा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी शुरुआत सैकड़ों साल पहले हुई थी?

Quarantine
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COVID-19 में क्वारंटीन वाला दौर भूले से नहीं भुलाया जाता है. उस दौरान न सड़क पर कोई दिखता था और न ही किसी की हिम्मत होती थी कि वह बाहर घर के गेट पर पास भी बैठ जाए. लेकिन सवाल दिमाग में अक्सर आता है कि आखिर यह क्वारंटीन आया कहां से? सबसे पहले कहां लागू हुआ था इसका नियम?  

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महामारी रोकने के लिए बना था यह खास नियम

महामारी रोकने के लिए बना था यह खास नियम2 / 7

बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि क्वारंटीन के नियम आज के समय का नहीं, बल्कि यूरोप की एक बड़ी महामारी से जुड़ा हुआ है. उस समय लोगों की जान बचाने और संक्रमण रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया गया था, जिसका असर यह रहा कि आज दुनिया कई बड़े खतरे से बच रही है.

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पहली बार कब लागू हुआ क्वारंटीन

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जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 1377 को आज के क्रोएशिया के शहर डबरोवनिक (पहले के रागूसा) में पहली बार क्वारंटीन का नियम लागू किया गया था. क्योंकि उस समय यूरोप में प्लेग तेजी से फैल रहा था, इस बीमारी को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए बाहर से आने वाले यात्रियों और व्यापारियों को तय समय तक अलग रखा जाता था.

कितने दिन रहना पड़ता था क्वारंटीन

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कहा जाता है कि, शुरुआत में बाहर से आने वाले लोगों को शहर में प्रवेश देने से पहले लगभग 30 दिनों तक अलग स्थान पर रखा जाता था. इस दौरान यह देखा जाता था कि उनमें किसी संक्रामक बीमारी के लक्षण तो नहीं हैं. बाद में इस अवधि को बढ़ाकर 40 दिन कर दिया गया, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा और कम हो सके.

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रगुसा में कितना फायदेमंद रहा ये तरीका

रगुसा में कितना फायदेमंद रहा ये तरीका5 / 7

रिपोर्ट बताते हैं कि क्रोएशिया के शहर डबरोवनिक (पहले के रागूसा) में क्वारंटीन के नियमों को लागू करने का फैसला काफी फायदेमंद साबित हुआ. इसका अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि नियम लागू होने के बाद 44 साल तक प्लेग का कोई मामला सामने नहीं आया था.

यहीं से आया 'क्वारंटीन' शब्द

यहीं से आया 'क्वारंटीन' शब्द6 / 7

'क्वारंटीन' शब्द इटैलियन भाषा के 'क्वारंतीनो' शब्द से निकला है, जिसका अर्थ 40 होता है. यही कारण है कि 40 दिनों तक अलग रहने की व्यवस्था को धीरे-धीरे क्वारंटीन कहा जाने लगा. समय के साथ यह शब्द दुनियाभर में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों के रूप में जाना जाने लगा.

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आज भी महामारी से बचा रहा ये तरीका

आज भी महामारी से बचा रहा ये तरीका7 / 7

साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान दुनिया के ज्यादातर देशों ने संक्रमण से बचने के लिए अपने-अपने देश में क्वारंटीन के नियम लागू किए थे. इसका नतीजा यह हुआ कि आज हम करोना जैसे खतरनाक वायरस से बच गए हैं और उसपर काबू भी पा लिया है. यह भी पढ़ें:-पथरी से राहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं ये खास ‘खीरा’? जानिए इसके फायदे और खाने का तरीका

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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