क्या दूध भी होता है मांसाहार? जानिए वेज और नॉनवेज दूध में क्या होता है अंतर, कैसे किया जाता तैयार
आपने दूध जरूर पिया होगा लेकिन क्या आप जानते हैं दूध में भी वेज और नॉनवेज कैटेगरी मानी जाती है? आइए जानते हैं दोनों में फर्क

दूध सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है, जिसे पीने के लिए डॉक्टर मरीजों को सलाह देते रहते हैं. लेकिन अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि क्या दूध में भी वेज और नॉनवेज कैटेगरी होती है? जानिए इस स्टोरी में दोनों में फर्क
सेहत के लिए कितना फायदेमंद दूध
2 / 6गाय-भैंस का दूध सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. जानकारी के अनुसार, इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन डी, और बी12 जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसे पीने से हड्डियों और दांतों को मजबूती मिलती है, मांसपेशियों की मरम्मत में मदद और शरीर को ऊर्जा मिलती है.
वेज दूध कैसा होता है
3 / 6अक्सर लोगों का मनना है कि भारतीय जानवरों से मिलने वाला दूध जैसे भैंस, गाय, बकरी आदि जो घास और शाकाहारी चीजें खाती है, उनमें से निकलने वाला दूध वेज होता है. यही दूध हमारे घरों में आता है, जिसे हम पीते हैं.
नॉनवेज दूध क्या होता है?
4 / 6अमेरिका जैसे कुछ देशों में मिलने वाला दूध नॉनवेज माना जाता है. क्योंकि यहां डेयरी फार्मों में बंधी गायों व अन्य जानवरों को प्रोटीन के रूप में जानवरों की हड्डियां, मछली का पाउडर और मांस का चूर्म खिलाया जाता है. ऐसे में जब भैंस, गाय, बकरी आदि इस चारे को खाती है. ऐसे में लोग मानते हैं कि इन जानवरों से मिलने वाला दूध नॉनवेज होता है.
भारत में वेज दूध मिलता है या नॉनवेज दूध?
5 / 6भारत में पारंपरिक और सरकारी नियमों के अनुसार गाय के दूध को शाकाहारी (वेज) माना जाता है और इसके पैकेट पर हरे रंग का निशान भी होता है. भारत में गाय, भैंस आदि जानवरों को चारे में सूखा भूसा, हरा चारा, मक्का, खल और गेहूं के दाने दिए जाते हैं.
जानवर में कैसे तैयार होता है इतना सारा दूध?
6 / 6जानवर के शरीर में दूध उसके खाए हुए चारे, अनाज, घास और पिए हुए पानी से बनता है. ये सब पचकर खून में मिल जाते हैं, फिर खून इन्हें थनों तक पहुंचाता है. थनों की खास कोशिकाएं पोषक तत्वों से दूध तैयार करती हैं और उसे थनों में जमा करती रहती हैं. जब बछड़ा दूध पीता है या अन्य प्रक्रिया से वह बाहर निकल आता है. (Image: AI/Pexels) यह भी पढ़ें: डेंगू होने पर मरीज में कैसे दिखते हैं लक्षण? अक्सर लोग समझ लेते हैं वायरल फीवर, एक गलती जान पर पड़ सकती है भारी अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है.