दुनिया का अनोखा गांव, जहां 50 मीटर ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहती है जनजाति
क्या आप जानते हैं दुनिया में एक जनजाति ऐसी भी है, जो जमीन पर घर बनाकर नहीं रहते; बल्कि ऊंचे पेड़ों पर रहते हैं. आइए जानते हैं कहां रहती है ये जनजाति.

दुनिया में कई जनजातिया रहती हैं, जो अपने कल्चर, रहन-सहन और खानपान के कारण अक्सर लोगों को हैरान कर देती है. इस स्टोरी में हम आपको ऐसी जनजाति के बारे में बताएंगे जो जमीन पर घर बनाकर नहीं रहते हैं, बल्कि 50 फीट ऊंचे पेड़ों पर रहते हैं.
घने जंगलों में बसी है अनोखी जनजाति
2 / 6इंडोनेशिया के पापुआ क्षेत्र के घने जंगलों में कोरवाई जनजाति की जीवनशैली बेहद अलग है. यहां कुछ समुदायों के लोग जमीन के बजाय ऊंचे पेड़ों पर घर बनाने के लिए जाने जाते हैं. इनके ट्री हाउस दुनियाभर में चर्चा में रहते हैं.
10 से 50 मीटर ऊंचाई पर बने ट्री हाउस
3 / 6कोरवाई समुदाय के कुछ पारंपरिक घर जमीन से करीब 10 से 50 मीटर की ऊंचाई पर बनाए जाते हैं. घने जंगलों के बीच पेड़ों पर बने ये घर दूर से बेहद अनोखे दिखाई देते हैं.
लकड़ी और पत्तियों से बनते हैं घर
4 / 6इन पारंपरिक ट्री हाउस को बनाने के लिए लकड़ी, पत्तियां और पेड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. सीमित साधनों के बावजूद इन्हें रहने के लिए उपयोगी बनाया जाता है.
आखिर पेड़ों पर घर बनाने की वजह क्या है?
5 / 6जंगल में जमीन से काफी ऊपर रहना जंगली जानवरों और दूसरी परेशानियों से बचाव का एक तरीका माना जाता है. ऊंचाई से आसपास के क्षेत्र पर नजर रखना भी आसान होता है.
आधुनिक दुनिया से बिल्कुल अलग जिंदगी
6 / 6आज के समय में जब ज्यादातर लोग शहरों और आधुनिक घरों में रहते हैं, वहीं कोरवाई समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली लोगों का ध्यान खींचती है. ऊंचे पेड़ों पर बने घर और जंगल के बीच जीवन बिताने का तरीका बेहद अनोखा नजर आता है. (Image:Pexels) यह भी पढ़ें: भारत में ‘ब्रह्मपुत्र’, बांग्लादेश पहुंचते ही बन जाती है ‘महिला’! जानें वहां किस नाम से जानी जाती है ये