कई एयरलाइंस 13 नंबर की सीट क्यों नहीं रखतीं? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

plane Mein 13 Number Kyu Nahi Hota: अगर आप प्लेन से सफर करते हैं तो यकीनन कई एयरलाइंस में 13 सीट नंबर नहीं देखा होगा. आखिर इसके पीछे की क्या वजह रही होगी, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.  

safety in commercial aviation
1 / 6
safety in commercial aviation

Why Is There No Row 13 On Planes: आपने कभी फ्लाइट में सफर किया है तो हो सकता है आपने भी यह बात नोटिस की हो कि कई एयरलाइंस 13 नंबर की सीट या 13वीं रो नहीं ऑरेंज ही नहीं करती हैं. कई बार चेक करने के बावजूद लोग 13 नंबर नहीं ढूंढ पाते. 12वीं रो के बाद सीधे 14वीं रो आ जाती है. इसे देखकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या फिर सिर्फ और वजह?  आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह.

विज्ञापन

क्या सच में नहीं होती 13 नंबर की सीट? 

क्या सच में नहीं होती 13 नंबर की सीट?  2 / 6

दुनिया की कई एयरलाइंस अपने प्लेन में 13 रो को छोड़ देते हैं. हालांकि, सभी एयरलाइंस ऐसा नहीं करतीं और कुछ एयरलाइंस अपने प्लेन में 13 नंबर की सीट और रो रखती हैं, जबकि कई कंपनियां लोगों के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान रखती हैं. इसे भी पढ़ें- नींद की कमी नहीं बल्कि इन 7 कारणों से भी हो सकते हैं डार्क सर्कल्स, वजह चौंका देगी आपको

विज्ञापन

13 नंबर को माना जाता है अशुभ 

13 नंबर को माना जाता है अशुभ  3 / 6

यूरोप और अमेरिका से साथ कई देशों में 13 नंबर को अशुभ माना जाता है. इसको ट्रिस्काइडे फोबिया भी कहा जाता है, यानी 13 नंबर का डर लोगों के मन में होना. कई लोग मानते हैं कि 13 नंबर परेशानी लेकर आता है, इसलिए वे इस नंबर वाली सीट पर बैठने से बचते हैं.  

लोगों को कम्फर्ट देना 

लोगों को कम्फर्ट देना  4 / 6

एयरलाइंस लोगों को अच्छा एक्सपीरियंस देने का काम करती है. कोई यात्री 13 नंबर की सीट देखकर अच्छा महसूस करता है तो इससे उसके ट्रेवल का एक्सपीरियंस खराब हो सकता है. इसलिए कई कंपनियां 13 नंबर की रो को हटाकर सीधे 14 नंबर से शुरुआत कर देते हैं.

विज्ञापन

बिजनेस का भी है मामला

बिजनेस का भी है मामला5 / 6

अगर किसी सीट नंबर की वजह से लोग उसे चुनने से बचें तो एयरलाइन को काफी नुकसान हो सकता है. इसी वजह से कई एयरलाइंस सीट नंबरिंग इस तरह रखती हैं कि लोगों में किसी तरह की झिझक न रहे और आराम से अपना काम कर सकें.

क्या सभी एयरलाइंस ऐसा करती हैं?

क्या सभी एयरलाइंस ऐसा करती हैं? 6 / 6

दुनिया की कई एयरलाइंस 13 नंबर की रो हटा देती हैं, जबकि कई एयरलाइंस इसे नॉर्मल रखती हैं. यह पूरी तरह एयरलाइन के रूल्स और उसके लोगों की पसंद के ऊपर निर्भर करती है. इसे भी पढ़ें- Breakfast Recipe: नाश्ते में बनाएं तमिलनाडु की मशहूर मोर कली, स्वाद ऐसा ही बार-बार खाने का करेगा मन; जानें रेसिपी

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन