क्या आप जानते हैं सोमवार-मंगलवार को संस्कृत में क्या कहते हैं? जानें सातों दिनों के नाम

क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे पुरानी और देवभाषा संस्कृत में दिनों के नाम जैसे सोमवार, मंगलवार को क्या कहते हैं. दरअसल, संस्कृत सिर्फ पूजा-पाठ और मंत्रों की भाषा नहीं है, बल्कि ये बहुत ही लॉजिकल भी है. अगर आप भी अपनी हिंदी को थोड़ा और क्लासी बनाना चाहते हैं या फिर आप अपने बच्चों को कुछ नया सिखाना चाहते हैं तो अपनी रोजमर्रा की बातचीत में छोटे-छोटे संस्कृत के शब्दों को शामिल कर सकते हैं. आज हम आपको बताने वाले हैं कि सप्ताह के सातों दिनों को संस्कृत में क्या कहा जाता है.

monday tuesday in sanskrit
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सोमवार को संस्कृत में क्या कहते हैं?

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सोमवार को संस्कृत में सोवासर: करते हैं. इसका एक और नाम इन्दुवासरः है. यहां इन्दु का मतलब चंद्रमा होता है.

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मंगलवार का संस्कृत में नाम?

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मंगलवार को मङ्गलवासरः कहा जाता है. इसके अलावा इसे भौमवासर भी कहते हैं. भौम का संबंध भूमि के पुत्र यानी मंगल ग्रह से है.

बुधवार का संस्कृत में नाम?

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बुधवार को संस्कृत में बुधवासरः के नाम से जाना जाता है. इसे सौम्यवासर भी कहते हैं, जिसका अर्थ शांत या सौम्य दिन है.

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गुरुवार

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गुरुवार या वीरवार को संस्कृत में गुरुवासर कहते हैं. इसे देवताओं के गुरु के नाम पर बृहस्पतिवासर भी कहा जाता है.

शुक्रवार

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शुक्रवार को संस्कृत में शुक्रवासर बोला जाता है. ऋषि भृगु के वंशज होने के कारण शुक्र को भृगु भी कहते हैं, इसलिए इसका एक नाम भृगुवासर भी है.

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शनिवार

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शनिवार को शनिवासर कहा जाता है. इसे स्थिरवासर भी कहते हैं, क्योंकि शनि ग्रह की चाल धीमी और स्थिर मानी जाती है.

रविवार

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छुट्टी के दिन यानी रविवार को संस्कृत में रविवासर कहते हैं. सूर्य के पर्यायवाची शब्द के आधार पर इसे भानुवासर भी कहा जाता है.

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संस्कृत के इन शब्दों को भी जानिए

संस्कृत के इन शब्दों को भी जानिए9 / 9

जब हम किसी से बात करते हैं, तो सिर्फ दिनों के नाम काफी नहीं होते हैं. हमें आज, कल और परसों जैसे शब्दों की भी जरूरत पड़ती है. संस्कृत में इन्हें बोलना बहुत आसान है. संस्कृत में दिन या वार को वासरः कहा जाता है, इसलिए हर दिन के नाम के पीछे आपको वासरः शब्द दिखता है. अगर आप आज की बात कर रहे हैं, तो अद्य (Adya) कहेंगे. वहीं, जो कल आने वाला है, उसे श्वः (Śvaḥ) कहा जाता है. अगर आप बीते हुए कल की बात कर रहे हैं, तो उसे ह्यः (Hyaḥ) कहते हैं. इसी तरह आने वाले परसों के लिए परश्वः (Paraśvaḥ) शब्द का इस्तेमाल होता है और बीते हुए परसों के लिए परह्यः (Parahyaḥ) कहा जाता है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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