श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) के संस्थापक पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी की विजुअल बायोग्राफी ‘Beyond – The Life and Works of Pujya Gurudevshri’ का 26 सितंबर को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में विमोचन किया गया. खास बात यह रही कि इसी दिन गुरुदेवश्री ने अपना 60वां जन्मदिन भी मनाया. ‘अहो गुरुदेव’ समारोह की आखिरी शाम आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, अभिनेता रणबीर कपूर समेत कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं.
इस मौके पर पुस्तक को दुनियाभर के पाठकों के लिए जारी किया गया. यह किताब तस्वीरों के माध्यम से गुरुदेवश्री के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक-आध्यात्मिक कार्यों को सामने रखती है. कार्यक्रम में रिलायंस रिटेल और रिलायंस जियो के डायरेक्टर मनोज मोदी, हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन अशोक पी. हिंदुजा, श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर के अध्यक्ष अभय जसानी और पूज्य नलिनभाई भी मौजूद रहे. प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य मोरारी बापू और पूज्यश्री आनंदमूर्ति गुरुमां ने भी समारोह में शिरकत की. 24 देशों से आए हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पुस्तक का विमोचन हुआ.
तीन सवालों से समझाई गई किताब की कहानी
गुरुदेवश्री के साथ लंबे समय से सेवा कर रहे वरिष्ठ संन्यासी आत्मार्पित नेमीजी ने तीन सवालों के जरिए किताब का परिचय दिया. उन्होंने पूछा कि एक अडिग व्यक्तित्व को दुनिया बदलने की प्रेरणा कहां से मिली, उनका मौन लाखों लोगों तक कैसे पहुंचा और जिस आत्मा को किसी चीज की आवश्यकता नहीं, वह दूसरों को सब कुछ देने के लिए क्यों प्रेरित होती है.
उन्होंने कहा कि ‘Beyond’ इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की एक विनम्र कोशिश है. नेमीजी के मुताबिक, दुनिया गुरुदेवश्री को आध्यात्मिक विजनरी, संस्थापक, वक्ता और लेखक के रूप में जानती है, लेकिन इनमें से कोई भी पहचान अपने आप में उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह परिभाषित नहीं करती.
पहली मुलाकात में रणबीर कपूर ने महसूस किया ‘अलग औरा’
अभिनेता रणबीर कपूर की गुरुदेवश्री राकेशजी से यह पहली मुलाकात थी. उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें मिशन के ग्लोबल यूथ फेस्टिवल में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंच सके थे. रणबीर ने गुरुदेवश्री को ‘यूथ मैग्नेट’ बताया. रणबीर ने कहा कि करीब दो साल पहले पिता बनना और फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाना उनके जीवन में लगभग एक साथ हुआ. इन दोनों अनुभवों ने उन्हें अध्यात्म के करीब लाने में भूमिका निभाई.
गुरुदेवश्री के बगल में बैठकर रणबीर ने कहा कि उन्हें वहां एक ऐसी शक्ति और ऐसा औरा महसूस हुआ, जिसे शब्दों में बयान करना बहुत मुश्किल है. उन्होंने यह भी कहा कि वह धरमपुर आश्रम जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
एन. चंद्रशेखरन ने बताया भरोसे और चरित्र का महत्व
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि समारोह से पहले के दिनों में उन्होंने गुरुदेवश्री की शिक्षाओं और युवाओं के साथ उनके काम के बारे में पढ़ा. टाटा ग्रुप में अपने करीब 40 साल के अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भरोसा और चरित्र किसी भी व्यक्ति और संस्था की नींव होते हैं. उन्होंने कहा कि गुरुदेवश्री के ये मूल्य एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हजारों और फिर लाखों लोगों तक पहुंच रहे हैं. उनके मुताबिक, यही वह प्रभाव है जो गुरुदेवश्री समाज और दुनिया पर डाल रहे हैं.
60वें जन्मदिन पर 60 परियोजनाओं का ऐलान
दो दिन चले ‘अहो गुरुदेव’ समारोह में गुरुदेवश्री राकेशजी का 60वां जन्मदिन मनाया गया. इस दौरान मिशन की ओर से 60 परियोजनाओं की घोषणा की गई. इनमें 30 परियोजनाएं समाज उत्थान और 30 आध्यात्मिक विकास से जुड़ी हैं. इनमें एनीमिया उन्मूलन और नेत्र सेवा से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं के जरिए करीब 6 करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है. गुरुदेवश्री के जन्मदिन की सुबह 11 युवा पेशेवरों ने आत्मार्पित दीक्षा ली. यह ब्रह्मचर्य, साधना और सेवा के लिए आजीवन समर्पण का संकल्प है.