जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक... प्रधानमंत्री के वो ऐतिहासिक भाषण, जिन्हें देश कभी नहीं भूलता
देश को संबोधित करने वाले प्रधानमंत्रियों के भाषण कई बार अचानक हुए और उन्होंने देश की दिशा बदल दी. पंडित नेहरू से लेकर पीएम मोदी तक, ऐसे कई मौके आए जब राष्ट्र को चौंकाने वाले फैसले सीधे जनता तक पहुंचाए गए.

जब देश को अचानक संबोधित किया जाता है
2 / 8भारत में प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन हमेशा बेहद अहम माना जाता है. आमतौर पर ये संबोधन तब होते हैं जब देश किसी बड़े संकट, ऐतिहासिक फैसले या महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा होता है. कई बार इन भाषणों की घोषणा अचानक की जाती है, जिससे जनता और मीडिया दोनों में उत्सुकता बढ़ जाती है.
जवाहर लाल नेहरू का ऐतिहासिक संबोधन
3 / 815 अगस्त 1947 की आधी रात को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने “Tryst with Destiny” भाषण दिया, जो भारत के इतिहास का सबसे यादगार संबोधन माना जाता है. इस भाषण में उन्होंने स्वतंत्र भारत के सपनों, चुनौतियों और जिम्मेदारियों को देश के सामने रखा. ये सिर्फ एक भाषण नहीं था, बल्कि एक नए राष्ट्र की शुरुआत का ऐलान था, जिसने करोड़ों लोगों को प्रेरित किया.
इंदिरा गांधी और आपातकाल का ऐलान
4 / 825 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू करने का फैसला लिया और राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिए इसकी जानकारी दी. इस दौरान नागरिक अधिकारों पर कई प्रतिबंध लगाए गए और मीडिया पर भी कंट्रोल बढ़ा दिया गया. ये संबोधन भारतीय लोकतंत्र के सबसे चर्चित और विवादित पलों में गिना जाता है.
अटल बिहारी वाजपेयी का परमाणु परीक्षण संदेश
5 / 8मई 1998 में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को संबोधित किया. उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया. इस संबोधन के जरिए भारत ने दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का संदेश दिया, हालांकि इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिबंध भी लगे.
26/11 के बाद मनमोहन सिंह का संदेश
6 / 82008 में मुंबई आतंकी हमलों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस भाषण में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की.
पीएम मोदी और नोटबंदी
7 / 88 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक राष्ट्र के नाम संबोधन में 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान किया. इस फैसले का मकसद काले धन, भ्रष्टाचार और नकली नोटों पर रोक लगाना बताया गया. यह घोषणा देश के लिए बेहद चौंकाने वाली थी और इसके तुरंत बाद पूरे देश में बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं.
कोविड-19 के दौरान पीएम मोदी के संबोधन
8 / 8कोरोना महामारी के दौरान पीएम मोदी ने कई बार राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग और ‘जनता कर्फ्यू’ जैसे फैसलों की घोषणा सीधे जनता तक पहुंचाई. इन संबोधनों का मकसद लोगों को जागरूक करना और संकट के समय एकजुट बनाए रखना था. (All Photos Credit: Social Media)



















