सावन का महीना आज से शुरू हो गया है और साथ ही कावड़ यात्रा भी शुरू हो गई है. इस बार धार्मिक यात्रा 30 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगी, जिसमें लाखों शिव भक्तों के शामिल होने का अनुमान है. इसी बीच प्रशासन ने भी कमर कस ली है और आवाजाही को आसान बनाए रखने के लिए कई सड़कों और हाइवों पर ट्रैफिक बदलाव किए हैं.
दिल्ली-NCR से हरिद्वार तक खास इंतजाम

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कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू आवाजाही के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और हरिद्वार तक खास व्यवस्था की गई है. कई एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.
गाजियाबाद से यात्रा होगी मुश्किल

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कावड़ यात्रा के दौरान अगर आप गाजियाबाद से होकर जा रहे हैं, तो आज आपको कई स्थानों में भारी ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है. प्रशासन ने कई फेज में ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए हैं. साथ ही. आज सुबह 8 बजे से दिल्ली-गाजियाबाद या इससे आगे कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रॉली, कैंटर, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि के एंट्री पर रोक रहेगी. वहीं 5 अगस्त से हल्के वाहन जैसे बस, टैम्पो, कार आदि की एंट्री पर भी प्रतिबंध रहेगा.
गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच कावड़ रूट पर कड़ी व्यवस्था

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रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच करीब 126 किलोमीटर लंबे कावड़ रूट पर 157 बीट और 502 स्थाई ड्यूटी पॉइंट में बाटा गया है. इस पूरी यात्रा के दौरान लगभग 3,500 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था का संभालेंगे. साथ ही, इस रूट पर 100 पुलिस रिस्पॉन्स वाहन (PRV), 16 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), 8 वॉच टावर, 10 कंट्रोल रूम (मुख्य कंट्रोल रूम मेरठ क्रॉसिंग पर) और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और टेथर्ड ड्रोन से निगरानी की जाएगी.
दिल्ली-गाजियाबाद के तीन रूट पर वाहनों का एंट्री पर रोक

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कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली-गाजियाबाद के तीन प्रमुख कांवड़ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है. इनमें करीब 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन रोड (लोनी तक), 39 किलोमीटर लंबा कादराबाद (गाजियाबाद-मेरठ सीमा) से सीमापुरी (दिल्ली बॉर्डर) तक का रास्ता और लगभग 50 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) शामिल है. इसके अलावा, हरिद्वार, मुरादाबाद, अमरोहा और लखनऊ जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों के जरिए एनएच-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर जारी रहेगी आवाजाही

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कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को सामान्य वाहनों के लिए खुला रखा गया है. हालांकि इस रास्ते पर कांवड़ ले जाने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि कई रूट डायवर्जन के चलते यहां ट्रैफिक का दबाव देखने को मिलेगा. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे भी पूरी तरह आम यात्रियों के लिए खुले रहेंगे.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी पाबंदी

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जानकारी के अनुसार, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों पर कांवड़ यात्रियों के लिए खास व्यवस्था की गई है. 30 जुलाई से इस एक्सप्रसवे पर डायवर्जन लागू हो जाएगा वहीं, फेज 2 में यानी 7 अगस्त से 12 अगस्त के बीच हल्के वाहनों को प्रवेश मिलेगा, उसके बाद वे भी बंद हो जाएंगे.