Mughals Breakfast Diet: ब्रेकफास्ट सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है, जिसे अक्सर लोग छोड़ देते हैं या फिर बहुत लेट करते हैं. इससे शरीर को पूरा दिन एनर्जी मिलती है और बार-बार भूख भी नहीं लगती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि जहां आज के वक्त में हम बेड, टेबल और कुर्सियों पर बैठकर भोजन करते हैं. वहीं, मुगल बादशाहों के लिए खाना खाने के लिए जमीन पर एक कपड़ा बिछता था, जिसके ऊपर गद्दा व कुशन रखे जाते थे, जिसपर बैठकर राजा और उनके साथी खाना खाते थे. जमीन पर बैठकर खाना खाने के भी कई फायदे होते हैं, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.
यह भी पढ़ें: सिर्फ 1 कप सूजी से कैसे बनाएं ठेले वाले गोलगप्पे? यहां जानिए किन सामग्रियों का किया जाता है इस्तेमाल
मुगल कैसा नाश्ता करते थे?
अब आते हैं अपने मुख्य सवाल पर कि मुगल राजाओं को नाश्ते में क्या परोसा जाता था? मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, उनकी थाली कई तरह के व्यंजनों से भरी रहती थी, इसमें कोरमा, कबाब, पुलाव, रोटियां और मीठे व्यंजन, ताजे और सूखे फल, अचार, भारतीय मसालों से बने पकवान आदि शामिल रहते थे. इस नाश्ते को खाने के बाद उनका शरीर पूरा दिन एनर्जी से भरा रहता था और उन्हें बार-बार भूख भी नहीं लगती थी. इसके अलावा, कुछ व्यंजन आधे पके रखे जाते थे, ताकि राजा के मांगने पर सेवक उन्हें तुरंत पका कर दे सकें.
कैसी होती थी मगलों की थाली?
आपको जानकर हैरानी होगी कि बादशाहों के खाने की थाली पकवानों से भरे होने के साथ-साथ बहुत अच्छी तरह सजी हुई रहती थी. रसोइये अपने हुनर का इस्तेमाल कर थाली को शानदार, रंग-बिरंगी और सोने-चांदी की कटोरियों आदि से अच्छे से सजा कर भेजते थे, ताकि उनके खाने का मजा दुगना हो जाए. इसी के साथ उनकी थाली में फूलों को भी रखा जाता था, जिसे लेकर माना जाता है कि उन फूलों से खाने वाले की भूख बढ़ती थी, ताकि वह परोसे गए खाने को अच्छे से खा सके.
यह भी पढ़ें: Hygiene Tips: बिना धोए कपड़े कितने दिनों तक पहन सकते हैं? आप भी नहीं जानते होंगे सही जवाब
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Mughals Breakfast Diet: ब्रेकफास्ट सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है, जिसे अक्सर लोग छोड़ देते हैं या फिर बहुत लेट करते हैं. इससे शरीर को पूरा दिन एनर्जी मिलती है और बार-बार भूख भी नहीं लगती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि जहां आज के वक्त में हम बेड, टेबल और कुर्सियों पर बैठकर भोजन करते हैं. वहीं, मुगल बादशाहों के लिए खाना खाने के लिए जमीन पर एक कपड़ा बिछता था, जिसके ऊपर गद्दा व कुशन रखे जाते थे, जिसपर बैठकर राजा और उनके साथी खाना खाते थे. जमीन पर बैठकर खाना खाने के भी कई फायदे होते हैं, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.
यह भी पढ़ें: सिर्फ 1 कप सूजी से कैसे बनाएं ठेले वाले गोलगप्पे? यहां जानिए किन सामग्रियों का किया जाता है इस्तेमाल
मुगल कैसा नाश्ता करते थे?
अब आते हैं अपने मुख्य सवाल पर कि मुगल राजाओं को नाश्ते में क्या परोसा जाता था? मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, उनकी थाली कई तरह के व्यंजनों से भरी रहती थी, इसमें कोरमा, कबाब, पुलाव, रोटियां और मीठे व्यंजन, ताजे और सूखे फल, अचार, भारतीय मसालों से बने पकवान आदि शामिल रहते थे. इस नाश्ते को खाने के बाद उनका शरीर पूरा दिन एनर्जी से भरा रहता था और उन्हें बार-बार भूख भी नहीं लगती थी. इसके अलावा, कुछ व्यंजन आधे पके रखे जाते थे, ताकि राजा के मांगने पर सेवक उन्हें तुरंत पका कर दे सकें.
कैसी होती थी मगलों की थाली?
आपको जानकर हैरानी होगी कि बादशाहों के खाने की थाली पकवानों से भरे होने के साथ-साथ बहुत अच्छी तरह सजी हुई रहती थी. रसोइये अपने हुनर का इस्तेमाल कर थाली को शानदार, रंग-बिरंगी और सोने-चांदी की कटोरियों आदि से अच्छे से सजा कर भेजते थे, ताकि उनके खाने का मजा दुगना हो जाए. इसी के साथ उनकी थाली में फूलों को भी रखा जाता था, जिसे लेकर माना जाता है कि उन फूलों से खाने वाले की भूख बढ़ती थी, ताकि वह परोसे गए खाने को अच्छे से खा सके.
यह भी पढ़ें: Hygiene Tips: बिना धोए कपड़े कितने दिनों तक पहन सकते हैं? आप भी नहीं जानते होंगे सही जवाब
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.