राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को जम्मू की एक विशेष अदालत में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ एक पूरक चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में पिछले साल पहलगाम के बैसारन मैदान में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की सीधी भूमिका का विस्तार से ब्योरा दिया गया है. इस भीषण हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक गंभीर सैन्य संघर्ष चला था.
सबूतों को झूठा नहीं बता सकता पाकिस्तान
केंद्रीय आतंकवाद रोधी एजेंसी ने बताया कि वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को इस पूरी साजिश में उसकी व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ लश्कर और उसके मुखौटा संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है. यह पूरक चार्जशीट पिछले साल 15 दिसंबर को दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट की अगली कड़ी है. इसमें वैज्ञानिक अनुसंधान और जमीनी जांच के आधार पर जुटाए गए सबूत शामिल किए गए हैं.
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हाफिज सईद और पाकिस्तान का हाथ
एनआईए ने मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UPA) की आतंकवाद रोधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इसके साथ ही एजेंसी ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आपराधिक साजिश रचने की धाराएं भी जोड़ी हैं. एनआईए के अनुसार, भारतीय धरती पर आतंकवाद को प्रायोजित करने की पाकिस्तान की इस पूरी साजिश के सभी पहलुओं को उजागर करने के लिए जांच अभी भी जारी है.
पहले की चार्जशीट में किन पर लगे थे आरोप
इससे पहले दाखिल की गई पहली चार्जशीट में एनआईए ने उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों की पहचान की थी, जिन्होंने निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था. इनमें फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी शामिल थे. इनमें से हमजा अफगानी जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों के 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मारा जा चुका है. इसके अलावा टीआरएफ के हैंडलर साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगडा और दो स्थानीय मददगारों बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया गया है.
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को जम्मू की एक विशेष अदालत में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ एक पूरक चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में पिछले साल पहलगाम के बैसारन मैदान में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की सीधी भूमिका का विस्तार से ब्योरा दिया गया है. इस भीषण हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक गंभीर सैन्य संघर्ष चला था.
सबूतों को झूठा नहीं बता सकता पाकिस्तान
केंद्रीय आतंकवाद रोधी एजेंसी ने बताया कि वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को इस पूरी साजिश में उसकी व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ लश्कर और उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है. यह पूरक चार्जशीट पिछले साल 15 दिसंबर को दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट की अगली कड़ी है. इसमें वैज्ञानिक अनुसंधान और जमीनी जांच के आधार पर जुटाए गए सबूत शामिल किए गए हैं.
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हाफिज सईद और पाकिस्तान का हाथ
एनआईए ने मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UPA) की आतंकवाद रोधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इसके साथ ही एजेंसी ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आपराधिक साजिश रचने की धाराएं भी जोड़ी हैं. एनआईए के अनुसार, भारतीय धरती पर आतंकवाद को प्रायोजित करने की पाकिस्तान की इस पूरी साजिश के सभी पहलुओं को उजागर करने के लिए जांच अभी भी जारी है.
पहले की चार्जशीट में किन पर लगे थे आरोप
इससे पहले दाखिल की गई पहली चार्जशीट में एनआईए ने उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों की पहचान की थी, जिन्होंने निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था. इनमें फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी शामिल थे. इनमें से हमजा अफगानी जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान मारा जा चुका है. इसके अलावा टीआरएफ के हैंडलर साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगडा और दो स्थानीय मददगारों बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया गया है.
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