SAGA ग्रुप के ठिकानों पर ED की छापेमारी, 30 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज

ED की हेडक्वार्टर यूनिट ने 13 से 16 अगस्त तक मुंबई और भोपाल में समीर अग्रवाल और उसके सहयोगियों से जुड़े कई घरों और कारोबारी ठिकानों पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान ED ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं.

SAGA Group

Credit: AI

लोन अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) और उससे जुड़ी सहकारी समितियों के जरिए हुए कथित पोंजी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED की हेडक्वार्टर यूनिट ने 13 से 16 अगस्त तक मुंबई और भोपाल में समीर अग्रवाल और उसके सहयोगियों से जुड़े कई घरों और कारोबारी ठिकानों पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान ED ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं. इसके साथ ही 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की शेयर-सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, LIC पॉलिसी और बैंक खातों में जमा रकम को फ्रीज किया गया है. इसके अलावा 9 महंगी गाड़ियां भी कार्रवाई की जद में आई हैं.

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क्या-क्या मिला?

तलाशी के दौरान ED को 1.53 करोड़ रुपये नकद मिले. इसके अलावा करीब 35 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई. एजेंसी के मुताबिक, 5.25 करोड़ रुपये कीमत के सोने के आभूषण और चांदी की ईंटें भी मिली हैं. ED की जांच कई राज्यों में LUCC और उससे जुड़ी सहकारी समितियों के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी. आरोप है कि साल 2009 से SAGA ग्रुप ने लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर Recurring Deposit, Fixed Deposit और Monthly Income जैसी योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया.

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क्या है आरोप?

लोगों को भरोसा दिलाया गया कि उनका पैसा तीन से पांच साल में दोगुना या तीन गुना हो जाएगा. निवेश के बदले कार जैसे महंगे गिफ्ट देने का लालच भी दिया गया. ED के मुताबिक, इस तरह SAGA ग्रुप ने लोगों से 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई. शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान किया गया, लेकिन आरोप है कि बाद में निवेश की बड़ी रकम को ग्रुप के संचालकों और उनके सहयोगियों ने निजी इस्तेमाल, संपत्तियां खरीदने और एजेंटों को कमीशन देने में लगा दिया.

50 से ज्यादा फर्जी कंपनियां

जांच में सामने आया कि लोगों से बड़ी मात्रा में पैसा नकद लिया जाता था. इस रकम को अलग-अलग इलाकों में बने कैश-चेस्ट के जरिए इकट्ठा कर बाद में दूसरी जगह भेजा जाता था. ED के मुताबिक, इस पैसे को देश और विदेश में चल-अचल संपत्तियों में लगाने के लिए शेल कंपनियों और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया. तलाशी के दौरान एजेंसी को 50 से ज्यादा ऐसी शेल कंपनियों का नेटवर्क मिला है, जिन्हें इस पूरे खेल से जुड़े ऑपरेटर कंट्रोल कर रहे थे.

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मुख्य आरोपी देश से बाहर, सहयोगी गिरफ्तार

ED के मुताबिक, SAGA ग्रुप के CMD और मुख्य नियंत्रक बताए जा रहे समीर अग्रवाल देश छोड़कर फरार है. एजेंसी पहले ही इस मामले में दो अलग-अलग Provisional Attachment Orders के जरिए संपत्तियां कुर्क कर चुकी है. इसके अलावा ग्रुप के एक प्रमुख पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था. ED ने 24 जुलाई को विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है. ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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