---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рджреЗрд╢ angle-right

Puri Rath Yatra 2026: рдЕрднреЗрдж рд╕реБрд░рдХреНрд╖рд╛ рдХреЗ рдмреАрдЪ 16 рдЬреБрд▓рд╛рдИ рд╕реЗ рд╢реБрд░реВ рд╣реЛрдЧреА рднрдЧрд╡рд╛рди рдЬрдЧрдиреНрдирд╛рде рдХреА рд░рде рдпрд╛рддреНрд░рд╛, 15 рдЕрд░реНрдзрд╕реИрдирд┐рдХ рдХрдВрдкрдирд┐рдпрд╛рдВ рд░рд╣реЗрдВрдЧреА рддреИрдирд╛рдд

рдкреБрд░реА рд░рде рдпрд╛рддреНрд░рд╛ 2026 рдХреЛ рд▓реЗрдХрд░ рд╕реБрд░рдХреНрд╖рд╛ рдХреЗ рдХрдбрд╝реЗ рдЗрдВрддрдЬрд╛рдо рдХрд┐рдП рдЧрдП рд╣реИрдВ. 15 рдЕрд░реНрдзрд╕реИрдирд┐рдХ рдХрдВрдкрдирд┐рдпреЛрдВ, 15 рд╣рдЬрд╛рд░ рд╕реЗ рдЬреНрдпрд╛рджрд╛ рдкреБрд▓рд┐рд╕рдХрд░реНрдорд┐рдпреЛрдВ, рдПрдирдПрд╕рдЬреА рдХрдорд╛рдВрдбреЛ, рдбреНрд░реЛрди рдирд┐рдЧрд░рд╛рдиреА рдФрд░ 2000 рд╕реЗ рдЬреНрдпрд╛рджрд╛ рд╕реАрд╕реАрдЯреАрд╡реА рдХреИрдорд░реЛрдВ рдХреЗ рдЬрд░рд┐рдП рдпрд╛рддреНрд░рд╛ рдХреА рд╕реБрд░рдХреНрд╖рд╛ рд╕реБрдирд┐рд╢реНрдЪрд┐рдд рдХреА рдЬрд╛рдПрдЧреА.

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा इस साल 16 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी. नौ दिनों तक चलने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. इसी को देखते हुए ओडिशा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है. प्रशासन के मुताबिक, रथ यात्रा के दौरान 15 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां और 15 हजार से ज्यादा ओडिशा पुलिस के जवान तैनात रहेंगे. इसके अलावा एनएसजी (NSG), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की अलग-अलग 10 प्लाटून भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहेंगी.

ये भी पढ़ें: Jagannath Rath Yatra 2026: हर साल 15 दिनों के लिए बीमार पड़ते हैं भगवान जगन्नाथ, जानें कारण और अनसर काल का महत्व

---विज्ञापन---

क्या है तैयारी?

प्रशासन ने यात्रा मार्ग को डेंजर जोन, सेंसिटिव जोन और वीवीआईपी जोन में बांटकर सुरक्षा योजना तैयार की है. भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख चौराहों और वीवीआईपी रास्तों पर अर्धसैनिक बलों की खास तैनाती की जाएगी. सुरक्षा बल गेस्ट हाउस, होटल और सार्वजनिक जगहों की नियमित जांच भी करेंगे. यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 250 से ज्यादा ओडिशा पुलिस बटालियन और 3,000 होमगार्ड्स को लगाया जाएगा. इनकी जिम्मेदारी ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखना होगी. तकनीकी सुरक्षा को भी इस बार खास प्राथमिकता दी गई है. रथ यात्रा मार्ग पर 2,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी अत्याधुनिक कंट्रोल रूम से की जाएगी. इसके अलावा ड्रोन के जरिए भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध ड्रोन एक्टिविटी
को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए गए हैं.

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

प्रशासन ने इमीडिएट बैकअप सिक्योरिटी (IBUS) टीम को भी 24 घंटे अलर्ट पर रखा है. ये टीम पूरे शहर में लगातार गश्त करेगी और किसी भी संदिग्ध ड्रोन या सुरक्षा खतरे पर तुरंत कार्रवाई करेगी. ये लगातार दूसरा साल होगा जब रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए एनएसजी कमांडो तैनात किए जाएंगे. इससे पहले साल 2025 में भी एनएसजी को सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया था. कमांडो आतंकवाद और किसी भी बड़ी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे. इसके अलावा K-9 डॉग स्क्वायड को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है. डॉग स्क्वायड रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर परिसर, गलियों और बाकी सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध सामान की जांच करेगा. चूंकि पुरी समुद्र तट पर मौजूद है, इसलिए तटीय और समुद्री सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है. भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि समुद्री मार्ग से किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस बार रथ यात्रा के दौरान जमीन से लेकर आसमान तक बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकें.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Jagannath Rath Yatra 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों के जल स्नान करेंगे भगवान जगन्नाथ, 15 दिनों तक बंद रहेंगे दर्शन

First published on: Jul 06, 2026 04:49 PM

End of Article

About the Author

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola