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‘… मैं माफी मांगता हूं’, अपने मंत्री की किस गलती पर CM विजय ने कहा ‘सॉरी’? करुणानिधि से जुड़ा है मामला

विधानसभा में स्वास्थ्य और राजस्व विभागों की ग्रांड्स डिमांड पर चर्चा चल रही थी. इसी दौरान वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने अपने संबोधन में पिछले चुनावों में कथित तौर पर हुए वोट के बदले नोट बांटने का मुद्दा उठाया.

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तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को उस वक्त माहौल गरमा गया जब वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के दिग्गज नेता एम करुणानिधि का जिक्र किया. मंत्री के बयान पर डीएमके सदस्यों ने इसे सदन की परंपरा और मर्यादा के खिलाफ बताते हुए जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद खुद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को विपक्ष से माफी मांगनी पड़ी.

विधानसभा में क्यों हुआ हंगामा?

दरअसल, सोमवार को सत्र के दौरान विधानसभा में स्वास्थ्य और राजस्व विभागों की ग्रांड्स डिमांड पर चर्चा चल रही थी. इसी दौरान वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने अपने संबोधन में पिछले चुनावों में कथित तौर पर हुए वोट के बदले नोट बांटने का मुद्दा उठाया. उन्होंने ‘थिरुमंगलम फॉर्मूला’ का भी जिक्र किया और दावा किया कि पिछले चुनावों के दौरान उनके कांचीपुरम विधानसभा क्षेत्र में एक वोट के लिए 1,500 रुपये तक बांटे जाने की बात सामने आई थी.

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CM विजय के मंत्री ने की कौन सी गलती?

मंत्री आरवी रंजीत ने मौजूदा सरकार और पिछली चुनावी राजनीति के बीच अंतर बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार बिना वोट खरीदने के सत्ता में आई है. इसी दौरान उन्होंने पुराने चुनावी तौर-तरीकों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का नाम बिना किसी सम्मानजनक संबोधन के सिर्फ ‘करुणानिधि’ कह दिया, जिसके बाद डीएमके सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया.

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डीएमके सदस्यों ने जताई आपत्ति

गौरतलब है कि पहले से ही तमिलनाडु विधानसभा में सीनियर नेताओं का जिक्र करते समय उनके पद या सम्मानजनक संबोधन का इस्तेमाल करने की परंपरा रही है. करुणानिधि का नाम आमतौर पर ‘कलैञर’ या ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ के तौर पर लिया जाता है. ऐसे में उनका जिक्र सीधे करुणानिधि के नाम से करने पर डीएमके विधायकों ने आपत्ति जताई.

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First published on: Aug 18, 2026 10:23 AM

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