Disease Signs on Eyes: आंखें हमारे शरीर का वह अंग है जिसके बिना हमारे लिए देखना असंभव है. ऐसे में आंखों की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है. आंखों की कई दिक्कतें शरीर में होने वाली बीमारियों का लक्षण भी हो सकती है. ऐसे में आंखों में हो रही समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए इन समस्याओं की जड़ तक जाना जरूरी है. ऐसे में यहां जानिए आंखों में होने वाली ये 10 दिक्कतें किन बीमारियों का संकेत हो सकती हैं.
यह भी पढ़ें - गर्दन पर दिखने वाला कालापन मैल है या किसी बीमारी का लक्षण? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताई असल वजह
आंखों पर दिखते हैं बीमारियों के लक्षण
आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना
आंखों का सफेद हिस्सा अगर पीला होने लगा है तो यह लिवर, गॉलब्लैडर या पेनक्रियाज में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.
आंखों में धुंधलापन
आंखों पर अगर एक धुंधली सी परत महसूस होती है या धुंधला नजर आता है तो यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है. हाई ब्लड प्रेशर में भी ऐसा होता है.
पुतली के चारों ओर सफेद रिंग बनना
अगर आंखों के चारों ओर सफेद या ग्रे रिंग यानी घेरा बन रहा है तो यह बढ़ती उम्र के चलते हो सकता है. इसके अलावा, हाई कॉलेस्ट्रोल और ट्राइग्लेसिराइड्स बढ़े होने का संकेत होता है.
आंखों का फड़कना
पलकें अगर लगातार फड़कती हैं तो यह बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने के कारण, नर्वस सिस्टम में थकान या फिर नींद की कमी के चलते होता है.
आंखों का बाहर आना
ऐसा महसूस होना कि आंखें बाहर आ रही हैं या बहुत बड़ी दिख रही हैं हाइपरथाइराइडिज्म का लक्षण हो सकता है. थायराइड ग्लैंड के जरूरत से ज्यादा एक्टिव होने के कारण होता है.
बार-बार आंख आना
अगर आंखों पर बार-बार गुहेरी निकलती है तो यह इम्यूनिटी के कमजोर होने का साइन हो सकता है. कब्ज और पेट की खराबी से भी ऐसा होता है.
आंखें सूखना
आंखें अक्सर ही सूखती हैं और आंखों में जलन होती है तो यह स्क्रीन टाइम ज्यादा होने पर होता है. स्क्रीन टाइम यानी मोबाइल या कंप्यूटर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना.
आंखों के सामने तैरती हुई आकृतियां दिखना
आंखों के सामने अलग-अलग आकृतियां या काले धब्बे, धागे या जाले जैसी आकृतियां तैरते हुए दिखना फ्लोटर्स कहलाता है. अगर यह जरूरत से ज्यादा दिखने लगे तो यह रेटिनल डिटैचमेंट हो सकता है जिसे आम भाषा में आंखों का परदा फटना कहते हैं.
पलकों पर पीले रंग के चकत्ते बनना
आंखों के आस-पास या पलकों पर छोटे बंप्स दिखना जेंथिलाज्मा कहलाता है. यह गंदे कॉलेस्ट्रोल के कारण हो सकता है.
रात में कम दिखना
अगर शाम ढलते हुए आपकी आंखों की रोशनी कम होने लगती है या कम नजर आने लगता है तो यह विटामिन ए की कमी को दर्शाता है. इसे ठीक ना किया जाए तो आगे चलकर अंधापन हो सकता है.
आपको अपने आंखों में इनमें से कोई भी समस्या नजर आती है तो डॉक्टर से मिलने में देरी ना करें.
यह भी पढ़ें - डायबिटीज के मरीज को रोज-रोज नहीं खानी चाहिए ये 5 Vegetables, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कौन सी सब्जियां ब्लड शुगर बढ़ाती हैं
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Disease Signs on Eyes: आंखें हमारे शरीर का वह अंग है जिसके बिना हमारे लिए देखना असंभव है. ऐसे में आंखों की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है. आंखों की कई दिक्कतें शरीर में होने वाली बीमारियों का लक्षण भी हो सकती है. ऐसे में आंखों में हो रही समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए इन समस्याओं की जड़ तक जाना जरूरी है. ऐसे में यहां जानिए आंखों में होने वाली ये 10 दिक्कतें किन बीमारियों का संकेत हो सकती हैं.
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आंखों पर दिखते हैं बीमारियों के लक्षण
आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना
आंखों का सफेद हिस्सा अगर पीला होने लगा है तो यह लिवर, गॉलब्लैडर या पेनक्रियाज में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.
आंखों में धुंधलापन
आंखों पर अगर एक धुंधली सी परत महसूस होती है या धुंधला नजर आता है तो यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है. हाई ब्लड प्रेशर में भी ऐसा होता है.
पुतली के चारों ओर सफेद रिंग बनना
अगर आंखों के चारों ओर सफेद या ग्रे रिंग यानी घेरा बन रहा है तो यह बढ़ती उम्र के चलते हो सकता है. इसके अलावा, हाई कॉलेस्ट्रोल और ट्राइग्लेसिराइड्स बढ़े होने का संकेत होता है.
आंखों का फड़कना
पलकें अगर लगातार फड़कती हैं तो यह बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने के कारण, नर्वस सिस्टम में थकान या फिर नींद की कमी के चलते होता है.
आंखों का बाहर आना
ऐसा महसूस होना कि आंखें बाहर आ रही हैं या बहुत बड़ी दिख रही हैं हाइपरथाइराइडिज्म का लक्षण हो सकता है. थायराइड ग्लैंड के जरूरत से ज्यादा एक्टिव होने के कारण होता है.
बार-बार आंख आना
अगर आंखों पर बार-बार गुहेरी निकलती है तो यह इम्यूनिटी के कमजोर होने का साइन हो सकता है. कब्ज और पेट की खराबी से भी ऐसा होता है.
आंखें सूखना
आंखें अक्सर ही सूखती हैं और आंखों में जलन होती है तो यह स्क्रीन टाइम ज्यादा होने पर होता है. स्क्रीन टाइम यानी मोबाइल या कंप्यूटर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना.
आंखों के सामने तैरती हुई आकृतियां दिखना
आंखों के सामने अलग-अलग आकृतियां या काले धब्बे, धागे या जाले जैसी आकृतियां तैरते हुए दिखना फ्लोटर्स कहलाता है. अगर यह जरूरत से ज्यादा दिखने लगे तो यह रेटिनल डिटैचमेंट हो सकता है जिसे आम भाषा में आंखों का परदा फटना कहते हैं.
पलकों पर पीले रंग के चकत्ते बनना
आंखों के आस-पास या पलकों पर छोटे बंप्स दिखना जेंथिलाज्मा कहलाता है. यह गंदे कॉलेस्ट्रोल के कारण हो सकता है.
रात में कम दिखना
अगर शाम ढलते हुए आपकी आंखों की रोशनी कम होने लगती है या कम नजर आने लगता है तो यह विटामिन ए की कमी को दर्शाता है. इसे ठीक ना किया जाए तो आगे चलकर अंधापन हो सकता है.
आपको अपने आंखों में इनमें से कोई भी समस्या नजर आती है तो डॉक्टर से मिलने में देरी ना करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.