कैसे पता चलेगा कि आंतों में सूजन है? AIIMS के डॉक्टर ने बताए इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज के लक्षण

Aant Me Sujan Ke Lakshan: इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज आंतों में होने वाली बीमारी है जिसे अक्सर ही लोग आम समस्या समझकर इग्नोर कर देते हैं और सालों तक चुपचाप दर्द सहते रहते हैं. गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डॉ. विनीत आहुजा ने बताया आंतों की सूजन होने पर क्या होता है और क्या करना चाहिए.

Intestine Swelling Inflammatory bowel disease IBD

आंत में सूजन के क्या लक्षण हैं?

Inflammatory Bowl Disease Symptoms: आंतों में सूजन होना एक ऐसी बीमारी है जिससे बहुत से लोग प्रभावित होते हैं लेकिन लक्षणों को समझ नहीं पाते. AIIMS के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से पोस्ट हुई वीडियो में एम्स, नई दिल्ली के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डॉ. विनीत आहुजा ने बताया आंतों में सूजन (Aanto Me Sujan) यानी इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) क्या है. डॉक्टर बताते हैं कि यह एक ऐसी बीमारी है जिसे समझने में दिक्कत होती है लेकिन इसके बारे में जानना जरूरी है क्योंकि यह तेजी से फैल रही है. ऐसे में चलिए जानते हैं आंतों की सूजन क्यों होती है, इसके क्या लक्षण हैं, यह डिजीज आम दिक्कतों से कैसे अलग है और इसका इलाज किस तरह होता है.

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आंतों की सूजन होने के क्या कारण हैं

डॉ. विनीत आहुजा कहते हैं कि जीवनशैली और खानपान के खराब होने से आंतों में सूजन हो सकती है. बाहर का खाना ज्यादा खाना खासतौर से इसकी वजह बनता है. इससे ज्यादातर 20 से 40 वर्ष के युवा वयस्क प्रभावित होते हैं. इससे छोटी या बड़ी आंत में अल्सर निकल सकते हैं. मरीज को दस्त लगना, पेट में दर्द और मल के साथ खून आने जैसी दिक्कत हो सकती है. वहीं, यह बीमारी एक बार अपनी चपेट में ले ले तो लंबे समय तक बनी रहती है. सालों तक इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेनी पड़ती हैं और दवा बंद करने पर बीमारी फिर से लौट सकती है.

आंतों में सूजन के क्या लक्षण हैं

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  • बार-बार दस्त होना जिसमें कभी-कभी खून भी आता है
  • पेट में दर्द और ऐंठन होना
  • वजन का बिना वजह घटना
  • थकान और कभी-कभी बुखार आना

डॉक्टर बताते हैं कि ये लक्षण अक्सर रुक-रुककर आते हैं और कई बार इन्हें इंफेक्शन या गैस्ट्रिक दिक्कत समझ लिया जाता है. इसीलिए बहुत से मरीज सही इलाज मिलने से पहले चुपचाप इस दर्द को सहते रहते हैं.

IBD और IBS में क्या है अंतर

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IBS यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम IBD से अलग है क्योंकि इसमें आंतों में सूजन नहीं होती है. IBS में व्यक्ति को जीवनभर दवा लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. डॉक्टर बताते हैं कि बहुत से लोग IBD को पेट की आम समस्या समझ लेते हैं जबकि यह एक गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है.

IBD के 2 प्रकार कौन से हैं

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IBD सिर्फ एक बीमारी नहीं है बल्कि 2 बीमारियों का समूह है-

क्रोहन डिजीज – यह पाचन तंत्र के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है. यह मुंह से लेकर गुदा तक कहीं भी हो सकता है. सूजन पाचन तंत्र में अलग-अलग जगह पर हो सकती है.

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अल्सरेटिव कोलाइटिस – यह मुख्यरूप से बड़ी आंत (Large Intestine) को प्रभावित करता है. इसमें सूजन आमतौर पर मलाशय यानी रेक्टम से शुरू होती है और लगातार आगे की ओर फैलती जाती है.

दोनों ही मामलों में शरीर का इम्यून सिस्टम बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाता है जिससे आंतों में सूजन बनी रहती है.

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कैसे होता है IBD का इलाज

आधुनिक इलाज से आंतों की सूजन कम हो सकती है और गंभीर लक्षण कंट्रोल हो जाते हैं. इससे व्यक्ति सामान्य और स्वस्थ्य जीवन जी सकता है.

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दवाएं – इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के इलाज में शामिल हैं सूजन कम करने वाली दवाओं से लेकर नई बायोलॉजिकल थेरेपी जो सीधी इम्यून सिस्टम पर काम करती हैं.

खानपान – IBD के लिए कोई खास डाइट नही है, लेकिन संतुलित और स्वस्थ खाना खाना और बीमारी के बिगड़ने पर कुछ खाने की चीजें खाने से परहेज करने पर फायदा मिलता है.

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सप्लीमेंट्स – कुछ मरीजों को आयरन, विटामिन डी या कैल्शियम के सप्लीमेंट्स की भी जरूरत होती है.

जीवनशैली – पूरी नींद लेना, तनाव को मैनेज करना और व्यायाम करना भी सेहत के लिए जरूरी है.

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नियमित जांच – कोलनोस्कोपी और नियमित चेकअप से बीमारी पर नजर रखी जा सकती है और लंबे समय तक होने वाले जोखिमों पर नजर बनाए रखी जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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