अचानक सुनाई न देना कौन सी बीमारी है? अलका याग्निक ने बताया कैसे हो गई थीं शिकार

इस बीमारी का नाम सेंसरी न्यूरल हीयरिंग लॉस है, जिसमें अचानक सुनाई देना बंद हो जाता है. अलका याग्निक भी इस बीमारी का शिकार हुई थीं, यहां जानिए इसके शुरुआती लक्षण क्या है. 

what is sensorineural hearing loss

किस बीमारी में सुनाई देना बंद हो जाता है? Image Credit- News24

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आजकल नई बीमारियां देखने को मिल रही हैं. अचानक कौन सी बीमारी हो जाए, किसी को कुछ नहीं पता. अगर आप गाने तेज आवाज में सुनते हैं या इयरफोन लगाए रहते हैं तो आप गंभीर बीमारी का सामना कर सकते हैं. आपको अचानक सुनाई देना बंद हो सकता है. इसको लेकर बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक ने जून 2024 में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी सेहत से जुड़ी एक गंभीर समस्या का खुलासा किया था. उन्होंने एक पोस्ट के जरिए बताया था कि कुछ हफ्ते पहले फ्लाइट से उतरने के बाद उन्हें अचानक सुनाई देना बंद हो गया. उनके साथ ऐसा क्यों हुआ और अचानक सुनाई न देना कौन सी बीमारी है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं. 

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किस बीमारी में सुनाई देना बंद हो जाता है? 

इस बीमारी ना नाम सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस है. इस दौरान कान के अंदर मौजूद इनर ईयर या सुनने से जुड़ी नस को नुकसान पहुंचता है. इनर ईयर में मौजूद कोक्लिया आवाज की कंपन को ऐसे सिग्नल में बदलता है, जिसे ऑडिटरी नर्व दिमाग तक पहुंचाती है. 

क्या यह बीमारी अचानक होती है? 

यह समस्या धीरे-धीरे भी हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में सुनने की क्षमता अचानक भी कम हो सकती है. इसे सडन सेंसरी न्यूरल हीयरिंग लॉस कहा जाता है. NIDCD के अनुसार, इसमें सुनाई न देना अचानक या कुछ दिनों के अंदर बंद हो सकता है. 

अलका याग्निक को कैसे हुई थी?

अलका याग्निक ने अपने पोस्ट में बताया था कि फ्लाइट से बाहर निकलने के बाद उन्हें अचानक कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था. बाद में डॉक्टरों ने टेस्ट कराने के बाद इसे  सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस बताया और उन्होंने इसकी वजह वायरल अटैक बताई. हालांकि, उन्होंने किसी खास वायरस का नाम नहीं बताया था. 

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर अचानक सुनाई कम देने लगे या बिल्कुल सुनाई न दे तो इसे मामूली समस्या समझ कर इंतजार नहीं करना चाहिए. इसके साथ कुछ लोगों को कान में घंटी या सीटी जैसी आवाज, कान में भारीपन, चक्कर या आवाज का मफल्ड यानी दबा-दबा सुनाई देना भी महसूस हो सकता है. 

हेडफोन और तेज आवाज हो सकती है एक वजह 

अलका याग्निक ने अपनी पोस्ट में अपने फैंस से कहा था कि बहुत तेज आवाज और हेडफोन के लंबे इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है. तेज आवाज से इनर ईयर के सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है और इससे नॉइस-इंड्यूस्ड हियरिंग लॉस हो सकता है. वहीं, डॉक्टर का कहना है कि इस बीमारी का इलाज बिल्कुल न की बराबर है. इसलिए ध्यान रखना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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