सात्विक डाइट क्यों है जरूरी? आयुर्वेद में छिपा है सेहत और मानसिक शांति का खजाना

Sattvic Diet Benefits For Health: सात्विक डाइट सिर्फ खाने का तरीका नहीं है, बल्कि एक हेल्दी जीवन जीने का तरीका भी है. आयुर्वेद में पोषित आहार को लंबी उम्र का खजाना माना गया है और पतंजलि के एक्सपर्ट्स भी संतुलित आहार लेने की सलाह देते हैं.

Ayurvedic Sattvic Diet Eating Benefits

अपनी डेली डाइट में क्या शामिल करें? Image Credit- News24

Ayurvedic Sattvic Diet Eating Benefits: सात्विक खाने का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में व्रत वाली सात्विक थाली आ जाती है. उन्हें लगता है कि यहां व्रत वाले खाने की बात हो रही है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी है. सात्विक खाने का मतलब सिर्फ व्रत वाली थाली से नहीं है, बल्कि एक हेल्दी डाइट से है. आयुर्वेद में सात्विक डाइट को एक स्वस्थ जीवन का आधार माना गया है. यह डाइट इंसान से बॉडी और दिमाग को हेल्दी रखने का काम करती है. साथ ही, बाबा रामदेव और पतंजलि के एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि सात्विक भोजन बेहतर जीवनशैली की नींव है, जिसमें हर तरह का पोषण शामिल किए जाते हैं. हालांकि, इसमें ज्यादातर आयुर्वेदिक चीजों को शामिल किया जाता है.

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क्या है सात्विक डाइट?

बाबा रामदेव सात्विक थाली को लेकर मानते हैं कि यह एक शुद्ध, हल्का और प्राकृतिक भोजन है. इसमें उन तमाम चीजों को शामिल किया जाता है जो शरीर को हेल्दी रखने का नाम करता है जैसे- फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध, घी और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां आदि. इस तरह का भोजन पाचन को आसान बनाता है और शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है.

सात्विक डाइट के फायदे

दिमाग मजबूत होना- आयुर्वेद के अनुसार, खाने का हमारे दिमाग पर बहुत ही असर होता है. पतंजलि के एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जैसा हम खाना खाते हैं वैसा ही हमारा दिमाग बनता है.
शरीर को करता है डिटॉक्स- यह शरीर को डिटॉक्स करता है. अगर आप संतुलित खाना खाते हैं तो आपका खून साफ होता है. स्किन ग्लो करती है और थकान कम महसूस होती है.
पाचन में सुधार- सात्विक थाली में मौजूद हरी सब्जियां, खाना और जड़ी बूटियां पेट को हेल्दी रखने का काम करती है. आप नियमित रूप से इसे आपके आहार का हिस्सा बनाएं और कमाल देखें.
मन शांत होना- तला भुना खाना इंसान के दिमाग पर भी असर डालता है, लेकिन संतुलित खाना दिमाग को शांत को शांत रखने का काम करता है.

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अपनी डेली डाइट में क्या शामिल करें?

सात्विक डाइट आयुर्वेद पर आधारित एक ऐसी भोजन शैली है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने में मदद करती है. इसमें शुद्ध, ताजा और प्राकृतिक चीजों को शामिल किया जाता है, जो आसानी से पच जाए और शरीर को ऊर्जा दें जैसे-

  • फ्रेश फल
  • हरी सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • दालें और अंकुरित अनाज
  • सूखे मेवे
  • अलसी या चिया सीड्स
  • शहद
  • गुड़
  • खजूर

सात्विक थाली के साथ किए जाने वाले योग

बाबा रामदेव का कहना है कि सात्विक आहार शरीर को शुद्ध और हल्का बनाता है, वहीं योग शरीर और मन को संतुलित करता है. जब इन दोनों का सही तालमेल होता है तो स्वास्थ्य और भी बेहतर हो जाता है. आप भी इन योग को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं.

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  • वज्रासन
  • पवनमुक्तासन
  • सूर्य नमस्कार
  • अनुलोम-विलोम प्राणायाम
  • भुजंगासन
  • कपालभाति

किन चीजों से बचना चाहिए?

  • आपको जंक फूड खाने से बचना चाहिए.
  • ज्यादातर तला-भुना या मसालेदार खाना ना खाएं.
  • प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड का सेवन बिल्कुल भी ना करें.
  • शराब और ज्यादा कैफीन अपनी थाली से बिल्कुल निकाल दें.

इसे भी पढ़ें- किडनी को नेचुरली कैसे साफ करें? इन चीजों से गुर्दे रहेंगे हेल्दी और निकलेंगे विषैले तत्व

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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