नींद की कमी से आंखों में दर्द क्यों होता है? एक्सपर्ट से जानिए राहत पाने के आसान तरीके

Neend Ki Kami Se Ankho Mein Dard: जिस दिन नींद पूरी नहीं होती, उस दिन आंखों में बहुत ही दर्द महसूस होता है. ऐसा क्यों होता है और अगर आंखों में दर्द, लालिमा या धुंधलापन लगातार बना रहता है तो इसे हल्के में ना लें और तुरंत आंखों के डॉक्टर से बात करें.  

Neend Ki Kami Se Ankho Mein Dard

नींद की कमी से आंखों में दर्द क्यों होता है? Image Credit- Shutterstock

Less Sleep Cause Eye Pain: आजकल नींद पूरी ना होना एक आम समस्या बन चुकी है,  जिसका सीधा असर आंखों पर भी पड़ता है. जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती उन लोगों को उठते ही आंखों में दर्द, भारीपन, जलन या सूखापन महसूस करते हैं, जिसका एक बड़ा कारण पर्याप्त नींद ना लेना होता है. इसको लेकर डॉक्टर पुरेंद्र भासिन (जो सर्जन और आंखों के डॉक्टर जो ग्वालियर के संस्थापक और निदेशक भी हैं) का कहना है कि जब हम पूरी नींद नहीं लेते तो आंखों को आराम नहीं मिल पाता है. दिनभर स्क्रीन पर काम करने से आंखों की मांसपेशियां लगातार सक्रिय रहती हैं. नींद के दौरान ही ये मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और आंखों की सतह खुद को रिपेयर करती है.  

विज्ञापन
विज्ञापन

नींद की कमी से आंखों में दर्द क्यों होता है?

नींद की कमी आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स नहीं कर पातीं, जिससे आंखों में थकान और दर्द होने लगता है. साथ ही, नींद कम लेने से आंखों में ड्रायनेस यानी सूखापन भी बढ़ जाता है. सामान्य तौर पर पलक झपकने से आंखों में नमी बनी रहती है, लेकिन जब आप थके हुए होते हैं या देर रात तक जागते हैं तो पलक झपकने की दर कम हो जाती है. इससे आंसू का संतुलन बिगड़ जाता है और आंखों में जलन, खुजली और दर्द महसूस होता है.

नींद की कमी से दिखते हैं ये लक्षण

इसके अलावा, नींद की कमी से आंखों का ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है. इससे आंखों के आसपास सूजन, काले घेरे और भारीपन महसूस हो सकता है. कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा रहने पर यह समस्या बढ़ सकती है.

विज्ञापन

क्या नींद की कमी से आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है?

नींद की कमी से आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है. धुंधला दिखना, फोकस करने में दिक्कत और सिरदर्द जैसे लक्षण भी इसके साथ जुड़े हो सकते हैं. यह स्थिति खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जो देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं और अपनी नींद का समय कम कर देते हैं.

इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लें और रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लें. सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें, ताकि आंखों को आराम मिल सके. इसके अलावा, दिनभर में बीच-बीच में आंखों को आराम देना भी जरूरी है जैसे 20-20-20 नियम अपनाना (हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें) आदि.  

विज्ञापन

डॉक्टर के पास कब जाएं?

आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. अगर आंखों में दर्द, लालिमा या धुंधलापन लगातार बना रहता है तो इसे हल्के में ना लें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. 

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


 

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ