प्यार में दिल टूट जाने से क्या सच में हो सकती है मौत? Harvard की रिपोर्ट में सामने आई बड़ी बात

Broken Heart Syndrome: अक्सर आपने सुना होगा कि प्यार में दिल टुट जाने पर व्यक्ति इतना सदमे में आ जाता है कि उसकी मौत हो सकती है. आइए जानते हैं Harvard की रिपोर्ट इसे लेकर क्या बताती है?

Broken Heart Syndrome

दिल टूटने पर क्या मौत हो सकती है? (Image: AI/Pexels)

प्यार में वफा की हर कोई ख्वाहिश रखता है, लेकिन कई मामलों में परिवार, स्वभाव, तीसरे के आने के कारण सालों पुराना रिश्ता पलभर में खत्म हो जाता है. इस स्थिति का सबसे गहरा असर उस शख्स को पड़ता है, जो सामने वाले व्यक्ति से ज्यादा जुड़ा होता है. आमतौर पर ब्रेकअप के बाद अगर कोई व्यक्ति दुखी रहने लगता है, तो लोग कहते हैं कि इसका दिल टूट गया है. ब्रेकअप के बाद दिल टूटने को ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहते हैं. आइए जानते हैं, क्या इस कारण व्यक्ति की मौत हो सकती है?

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क्या है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम

Harvard Health Publishing के अनुसार, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल का मुख्य पंपिंग चैंबर यानी लेफ्ट वेंट्रिकल कमजोर हो जाता है. यह अक्सर किसी बहुत बड़े भावनात्मक या शारीरिक तनाव के बाद होता है, जैसे किसी करीबी की मौत, अचानक गंभीर बीमारी, बड़ा हादसा आदि कारण. इसे टाकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी (takotsubo cardiomyopathy) या स्ट्रेस-इंड्यूस्ड कार्डियोमायोपैथी (stress-induced cardiomyopathy) भी कहा जाता है.

कैसे दिखते हैं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण?

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे अचानक सीने में तेज दर्द, दबाव या भारीपन. हालांकि, इसमें दिल की नसों में ब्लॉकेज की समस्या पैदा हो, जाए ऐसा जरूरी नहीं होता. जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों में सीने का दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन सांस फूलना, अचानक बहुत ज्यादा थकान, ठंडा पसीना आना या चक्कर जैसा महसूस होना जैसे संकेत भी दिखाई दे सकते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से मौत हो सकती है?

Harvard की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के कारण एंजियोग्राफी में कोरोनरी आर्टरीज (हार्ट अटैक की सबसे आम वजह) में ब्लॉकेज का कोई सबूत नहीं मिला, ऐसे में यह कहना की दिल टूटने से हार्ट अटैक हो सकता है, ऐसा जरूरी नहीं है, इसके पीछे कई और कारण हो सकते हैं.

इतना ही नहीं, Harvard की रिपोर्ट बताती है कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से ज्यादातर लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं. आमतौर पर दिल की पंपिंग और उसकी मांसपेशियों की सामान्य गतिविधि एक से चार हफ्तों में सुधरने लगती है और ज्यादातर लोग दो महीने के अंदर-अंदर रिकवर कर लेते हैं और दोबारा होने का खतरा भी कम रहता है. हालांकि, कुछ लोगों में हार्ट फेलियर जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं. इस बात को भी समझे कि बहुत दुर्लभ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: Harvard Health Publishing 

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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