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हल्की सी गांठ या भारीपन? टेस्टिकुलर कैंसर के ये ‘साइलेंट’ संकेत अक्सर सामान्य दर्द समझकर छोड़ देते हैं पुरुष

Testicular cancer: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है. हम आपको इस स्टोरी में टेस्टिकुलर कैंसर के बारे में बताएंगे, जो पुरुषों को अपना शिकार बनाती है.

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अच्छी सेहत वरदान से कम नहीं है, आज दुनिया में कई बड़ी बीमारी मौजूद है, जो लोगों को अपना शिकार बनाकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रही है. इन बीमारियों में कैंसर भी शामिल, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये है कि जब शरीर में ये पनपता है, तो इसके शुरुआती लक्षण साफ दिखाई नहीं देते, जिस कारण अक्सर मरीजों को मालूम ही नहीं चलता है कि उनके अंदर कैंसर अपनी जड़ों को मजबूत कर रहा है. आपने आमतौर पर फेफड़ों के कैंसर, किडनी कैंसर आदि के बारे में सुना होगा, लेकिन हम आपको इस स्टोरी में टेस्टिकुलर कैंसर (Testicular Cancer) के बारे में बताएंगे, जो पुरुषों में होता है और इसके लक्षण अक्सर आम समस्या समझ लिया जाता है.

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क्या है टेस्टिकुलर कैंसर?

सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर टेस्टिकुलर कैंसर होता क्या है? Cancer Research UK की वेबसाइट के अनुसार, टेस्टिकुलर कैंसर एक प्रकार का कैंसर है, जो पुरुषों के अंडकोष में विकसित होता है. यह तब होता है जब अंडकोष की असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने और विभाजित होने लगती हैं. अंडकोष पुरुष प्रजनन तंत्र का हिस्सा हैं और लिंग के नीचे त्वचा की एक थैली, जिसे अंडकोश या स्क्रोटम कहा जाता है, में स्थित होते हैं. यौवनावस्था के बाद अंडकोष स्पर्म और पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करते हैं. ऐसे में समय रहते टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षणों की पहचान और सही जांच से डॉक्टर की सलाह से प्रभावी इलाज संभव है, लेकिन देरी होने पर स्थिति बिगड़ सकती है.

कैसे दिखते हैं टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण?

टेस्टिकुलर कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

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  • एक अंडकोष के किसी हिस्से में गांठ या असामान्य सूजन महसूस होना.
  • एक अंडकोष सामान्य से बड़ा या भारी लगना.
  • स्क्रोटम यानी अंडकोश में भारीपन या खिंचाव महसूस होना.
  • अंडकोष में दर्द या असहजता
  • अंडकोष के आकार या बनावट में ऐसा बदलाव महसूस होना जो आपके लिए सामान्य न हो.

इनमें से कई लक्षण संक्रमण या अंडकोष से जुड़ी अन्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं, इसलिए जरूरी नहीं है कि इसके पीछे कैंसर ही कारण हो. हालांकि, फिर भी, अगर इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, लंबे समय तक बने रहे या ठीक न हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.

किन कारणों से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?

टेस्टिकुलर कैंसर के ज्यादातर मामलों का सटीक कारण पता नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियां इसके खतरे को बढ़ा सकती हैं.

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अंडकोष का नीचे न उतरना: अगर जन्म के समय एक या दोनों अंडकोष नीचे नहीं उतरे हों, तो टेस्टिकुलर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.
अंडकोष में असामान्य कोशिकाएं: अंडकोष में कुछ असामान्य कोशिकाओं की मौजूदगी आगे चलकर कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है.
परिवार में किसी को टेस्टिकुलर कैंसर होना: अगर पिता, भाई या बेटे को यह कैंसर रहा है, तो अन्य लोगों में भी जोखिम सामान्य से ज्यागा हो सकता है.
पहले टेस्टिकुलर कैंसर हो चुका हो: एक अंडकोष में कैंसर होने के बाद दूसरे अंडकोष में भी इसके विकसित होने का खतरा थोड़ा बढ़ जाता है.
हाइपोस्पेडियास: जन्म से लिंग या मूत्रमार्ग की कुछ असामान्यताओं के कारण जोखिम बढ़ सकता है.
एचआईवी (HIV): एचआईवी या एड्स से पीड़ित लोगों में टेस्टिकुलर कैंसर का जोखिम रहता है, हालांकि ज्यादातर मामलों का संबंध एचआईवी से नहीं होता.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source: Cancer Research UK

First published on: Sep 13, 2026 04:01 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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