पेट की बढ़ती चर्बी और कैंसर का क्या कनेक्शन है?  NCI की रिपोर्ट से समझिए क्या है सच

Stomach Cancer: पेट की बढ़ती चर्बी को सिर्फ सुंदरता या शरीर से जुड़ी समस्या समझना सही नहीं है. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की जानकारी के मुताबिक, शरीर में ज्यादा फैट होना कई तरह के कैंसर के बढ़े हुए खतरे से पाया गया है. 

Stomach Cancer

पेट की चर्बी और कैंसर के बीच क्या कनेक्शन है? Image Credit- Freepik

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Stomach and Cancer: पेट के आसपास बढ़ती चर्बी को अक्सर लोग सिर्फ बढ़ते वजन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन शरीर में जमा फैट का कनेक्शन गंभीर बीमारियों से हो सकता है. खासतौर पर पेट के अंदरूनी अंगों के आसपास जमा होने वाली चर्बी को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह देते हैं. अमेरिका के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के मुताबिक, ज्यादा वजन और मोटापे का कनेक्शन कम से कम 13 तरह के कैंसर से पाया गया है. शरीर में फैट कहां जमा है, यह जानना बहुत ही जरूरी है. कुछ फैट अच्छे होते हैं, लेकिन कुछ फैट शरीर में बीमारियां पैदा करते हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कैसे पेट की चर्बी कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती है.

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पेट की चर्बी और कैंसर के बीच क्या कनेक्शन है?

पेट की चर्बी और कैंसर के कनेक्शन को समझने के लिए सिर्फ वजन देखना काफी नहीं है. शरीर में फैट कई चीजों को इफेक्ट करता है, जिसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के मुताबिक, मोटापे में शरीर में इंसुलिन और इंसुलिन जैसी चीजें बढ़ सकती है.  

पेट की अंदरूनी चर्बी क्यों है चिंता की वजह?

शरीर की सारी चर्बी एक जैसी नहीं होती, क्योंकि स्किन के नीचे फैट और पेट के अंदरूनी हिस्से के पास जमे फैट में काफी अंतर होता है. पेट के अंदरूनी हिस्सों के आसपास जमा फैट को अंदरूनी फैट कहा जाता है. जिससे शरीर सूजन और हार्मोन में बदलाव जैसी चीजें होती हैं.

किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है?

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का कहना है कि ज्यादा वजन और मोटापे का संबंध कई तरह के कैंसर से पाया गया है. इसमें आपको कई तरह के कैंसर हो सकते हैं जिस पर ध्यान देना जरूरी है. 

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बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर होना 

  • गुर्दे का कैंसर होना 
  • अग्नाशय का कैंसर होना 
  • स्तन कैंसर होना 
  • खाने की नली का कैंसर होना 
  • अंडाशय का कैंसर होना 
  • थायराइड का कैंसर होना 

शरीर में कौन से बदलाव कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं?

मोटापे में शरीर में लंबे समय तक हल्की सूजन बनी रह सकती है. यह ऐसे सेल्स को इफेक्ट कर सकती है जो कैंसर को पैदा करने में अहम भूमिका निभाते हैं. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का कहना है कि वजन कम करने वाले लोगों में कैंसर का खतरा कम पाया गया है. हालांकि इन अध्ययनों से यह नहीं बताया गया कि वजन कम करने से कैंसर को रोका जा सकता है. इसलिए पेट की चर्बी कम करने के लिए अपने खानपान पर ध्यान देना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source- NCI 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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