HPV वैक्सीन सिर्फ इंफेक्शन से नहीं, कैंसर से भी बचा सकती है? जानिए क्या कहती है साइंस

HPV Vaccination: एचपीवी वैक्सीन सिर्फ एक वायरस से बचाने वाला टीका नहीं है, बल्कि यह यह उन इंफेक्शन को रोकने में मदद करते है जो आगे चलकर सर्वाइकल और कैंसर का कारण बन सकते हैं. इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे लगाने की सलाह देता है. 

HPV Vaccination

एचपीवी क्या है और कैंसर से क्या संबंध है? Image Credit- Freepik

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एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस को आमतौर पर एक तरह का इंफेक्शन माना जाता है, लेकिन इसके टाइप आगे चलकर कैंसर की वजह बन सकते हैं. यही वजह है कि एचपीवी वैक्सीन को सिर्फ इंफेक्शन से बचाने का टीका नहीं माना जाता, बल्कि यह कैंसर को रोकने में भी मदद करता है. इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि लगभग 99 परसेंट सर्वाइकल कैंसर के मामले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं. एचपीवी इंफेक्शन लगातार होने से सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ गुदे, योनि और मुंह या फिर गले का कैंसर हो सकता है. हालांकि, एचपीवी इंफेक्शन को वक्त पर ठीक किया जा सकता है, लेकिन इससे पहले एचपीवी क्या है और इसका कैंसर से क्या संबंध है जैसी चीजें समझना जरूरी है.

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एचपीवी क्या है और कैंसर से क्या संबंध है?

एचपीवी करीब 200 इंफेक्शन का एक ग्रूप है, जिनमें से कुछ इंफेक्शन शरीर में खुद पैदा होते हैं, जबकि कुछ शरीर के सेल्स को इफेक्ट करते हैं. यह सेल्स आगे जाकर कैंसर का खतरा पैदा सकते हैं. हालांकि, ज्यादातर एचपीवी इंफेक्शन शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को खुद खत्म कर देती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 90 प्रतिशत लोगों में शरीर इंफेक्शन को खुद कंट्रोल कर लेता है.

क्या एचपीवी वैक्सीन सच में कैंसर से बचाती है?

एचपीवी वैक्सीन सीधे कैंसर की कोशिकाओं को खत्म नहीं करती. यह एचपीवी के उन इंफेक्शन से बचाती है जो कैंसर का कारण बन सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी से जुड़े कैंसर की रोकथाम में इफेक्टिव हैं. एचपीवी से लगभग 70 परसेंट मामले सर्वाइकल कैंसर के आते हैं. इसलिए वैक्सीन को पूरी तरह से कैंसर का इलाज नहीं माना जा सकता. 

किन कैंसर से बचाव में मदद कर सकती है वैक्सीन?

एचपीवी इंफेक्शन का रिलेशन सर्वाइकल कैंसर से है. इसके अलावा, अगर ध्यान न दिया जाए तो यह दूसरे कैंसर से भी जुड़ा हुआ हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि एचपीवी से जुड़े इन कैंसर को रोकने के लिए एचपीवी की वैक्सीन मददगार साबित हो सकती है. 

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  • गुदा का कैंसर होना
  • लिंग का कैंसर होना
  • योनि का कैंसर होना
  • मुंह और गले का कैंसर होना

वैक्सीन कब लगवाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है?

एचपीवी वैक्सीन का सबसे ज्यादा फायदा तब होता है जब इसे एचपीवी में आने से पहले दिया जाए. इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन 9 से 14 साल की उम्र की लड़कियों के वैक्सीन लगाने पर जोर देता है. बड़ी उम्र में टीकाकरण की जरूरत अलग हो सकती है.

क्या एचपीवी वैक्सीन सिर्फ लड़कियों के लिए है?

एचपीवी इंफेक्शन महिलाओं और पुरुषों दोनों को इफेक्ट कर सकता है. पुरुषों में भी एचपीवी कुछ कैंसर और दूसरी समस्याओं की वजह बन सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि एचपीवी से जुड़े कैंसर महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकते हैं. इसलिए यह वैक्सीन दोनों के लिए हो सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- WHO

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Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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