क्या मीठा खाने से कैंसर बढ़ता है? हेमेटोलॉजिस्ट ने बताया कैंसर की रोकथाम के लिए क्या करना चाहिए
Cancer And Sugar Myth: ज्यादा चीनी खाने से न सिर्फ शुगर बल्कि कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए अगर आप मीठे खाने के शौकीन हैं तो इसकी मात्रा कम कर दें, वरना कैंसर जैसी बीमारी का सामना करना पड़ सकता है.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jun 17, 2026 10:46
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Cancer And Sugar Myth
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Cancer Cause: कैंसर और खानपान को लेकर लोगों के मन में कई तरह के मिथ्स हैं. इनमें सबसे आम सवाल यह है कि क्या मीठा खाने से कैंसर बढ़ता है? अक्सर कहा जाता है कि शुगर कैंसर को खिलाती है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है यह जानना जरूरी है. इसको लेकर डॉक्टर अमित उपाध्याय (कंसल्टेंट हेमेटोलॉजिस्ट एवं ऑन्कोलॉजिस्ट, पीएसआरआई हॉस्पिटल) का कहना है कि शरीर की सभी कोशिकाएं, फिर चाहे वे नॉर्मल हों या कैंसर कोशिकाएं हों, एनर्जी के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं. इसलिए सिर्फ शुगर खाना सीधे तौर पर कैंसर की वजह नहीं बनता और न ही यह साबित हुआ है कि पूरी तरह शुगर छोड़ देने से कैंसर खत्म हो सकता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि मीठा खाना सही है, क्योंकि ज्यादा मात्रा में खाने से परेशानी हो सकती है. मीठी चीजों से वजन बढ़ सकता है और आप मोटापे के शिकार हो सकते हैं.
मोटापे की वजह से हो सकती है परेशानी
जब शरीर का फैट बढ़ जाता है तो कई तरह के कैंसर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है जैसे ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल, एंडोमेट्रियल और लिवर कैंसर आदि का जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए ज्यादा चीनी नहीं खानी चाहिए, इससे शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ सकता है. हालांकि, कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं जो लंबे समय में कैंसर के खतरे को प्रभावित कर सकते हैं.
टेबल शुगर ही नहीं बल्कि ये चीजें भी हैं नुकसानदायक
एक्सपर्ट का मानना है कि समस्या केवल टेबल शुगर तक सीमित नहीं है, बल्कि कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां, केक, कुकीज़ और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद चीनी भी हेल्थ के लिए बेकार हो सकती है. अगर इसका नियमित सेवन किया जाए तो वजन बढ़ना, सूजन (इन्फ्लेमेशन) और मेटाबॉलिक समस्याओं को भी बढ़ा सकता है.
क्या कैंसर के मरीज को चीन खानी चाहिए?
कैंसर के मरीजों के लिए भी शुगर को लेकर अलग-अलग जरूरत हो सकती है. इलाज के दौरान शरीर को एनर्जी और पोषण की जरूरत होती है. इसलिए बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के पूरी तरह शुगर या कार्बोहाइड्रेट बंद करना सही नहीं माना जाता. कई बार ना खाना डाइट से मरीज में कमजोरी और कुपोषण का खतरा बढ़ सकता है.
कैसे रहें हेल्दी?
हेल्दी रहने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि ज्यादा चीनी से परहेज किया जाए और संतुलित आहार अपनाया जाए. फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, दालों और प्रोटीन से भरपूर खाना न सिर्फ शरीर को पोषण देता है बल्कि कैंसर सहित कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है. इसके अलावा, तंबाकू व शराब से दूरी बनाना भी कैंसर को रोक सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Cancer Cause: कैंसर और खानपान को लेकर लोगों के मन में कई तरह के मिथ्स हैं. इनमें सबसे आम सवाल यह है कि क्या मीठा खाने से कैंसर बढ़ता है? अक्सर कहा जाता है कि शुगर कैंसर को खिलाती है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है यह जानना जरूरी है. इसको लेकर डॉक्टर अमित उपाध्याय (कंसल्टेंट हेमेटोलॉजिस्ट एवं ऑन्कोलॉजिस्ट, पीएसआरआई हॉस्पिटल) का कहना है कि शरीर की सभी कोशिकाएं, फिर चाहे वे नॉर्मल हों या कैंसर कोशिकाएं हों, एनर्जी के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं. इसलिए सिर्फ शुगर खाना सीधे तौर पर कैंसर की वजह नहीं बनता और न ही यह साबित हुआ है कि पूरी तरह शुगर छोड़ देने से कैंसर खत्म हो सकता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि मीठा खाना सही है, क्योंकि ज्यादा मात्रा में खाने से परेशानी हो सकती है. मीठी चीजों से वजन बढ़ सकता है और आप मोटापे के शिकार हो सकते हैं.
मोटापे की वजह से हो सकती है परेशानी
जब शरीर का फैट बढ़ जाता है तो कई तरह के कैंसर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है जैसे ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल, एंडोमेट्रियल और लिवर कैंसर आदि का जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए ज्यादा चीनी नहीं खानी चाहिए, इससे शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ सकता है. हालांकि, कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं जो लंबे समय में कैंसर के खतरे को प्रभावित कर सकते हैं.
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टेबल शुगर ही नहीं बल्कि ये चीजें भी हैं नुकसानदायक
एक्सपर्ट का मानना है कि समस्या केवल टेबल शुगर तक सीमित नहीं है, बल्कि कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां, केक, कुकीज़ और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद चीनी भी हेल्थ के लिए बेकार हो सकती है. अगर इसका नियमित सेवन किया जाए तो वजन बढ़ना, सूजन (इन्फ्लेमेशन) और मेटाबॉलिक समस्याओं को भी बढ़ा सकता है.
क्या कैंसर के मरीज को चीन खानी चाहिए?
कैंसर के मरीजों के लिए भी शुगर को लेकर अलग-अलग जरूरत हो सकती है. इलाज के दौरान शरीर को एनर्जी और पोषण की जरूरत होती है. इसलिए बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के पूरी तरह शुगर या कार्बोहाइड्रेट बंद करना सही नहीं माना जाता. कई बार ना खाना डाइट से मरीज में कमजोरी और कुपोषण का खतरा बढ़ सकता है.
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कैसे रहें हेल्दी?
हेल्दी रहने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि ज्यादा चीनी से परहेज किया जाए और संतुलित आहार अपनाया जाए. फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, दालों और प्रोटीन से भरपूर खाना न सिर्फ शरीर को पोषण देता है बल्कि कैंसर सहित कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है. इसके अलावा, तंबाकू व शराब से दूरी बनाना भी कैंसर को रोक सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.