करियर के पीक पर 'संन्यासी' बन गए थे ये सुपरस्टार, गुरु के आश्रम में करते थे टॉयलेट साफ

Superstar Vinod Khanna Sanyas: बॉलीवुड का ये सुपरस्टार अपनी जिंदगी में सबकुछ पाकर भी असंतुष्ट था, जिसके बाद वह संन्यासी बनने के लिए ओशो के आश्रम चला गया. वहां पर उसने टॉयलेट तक साफ किया.

Vinod Khanna Osho Ashram Story

विनोद खन्ना संन्यास की कहानी (Credit- Printerest)

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Vinod Khanna Osho Ashram Story: बॉलीवुड में कई सुपरस्टार हुए. उन्हीं में से एक विनोद खन्ना भी थे, जिनके पास भरपूर स्टारडम होने के बावजूद भी संतुष्ट नहीं हुए. 80 के दशक में बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक थे. उनकी खूबसूरती, स्टाइल और एक्टिंग ने लाखों दिल जीते थे. लेकिन जब उनका करियर अपने चरम पर था, तभी उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया और फिर सब कुछ छोड़कर संन्यासी बन गए.

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किस वजह से बने संन्यासी?

विनोद खन्ना की जिंदगी में कई दुख आए. उनके परिवार ने कई सारी मौतों ने उन्हें अंदर से तोड़कर रख दिया था. उनमें से उनका मां की मौत उन्हें बहुत प्रभावित कर बैठी. इसी दौरान भगवान ओशो काफी सुर्खियों में थे, जिनसे प्रभावित होकर विनोद ने सन्यासी बनने की ठानी. उन्होंने पैसा और शौहरत को त्याग दिया और ओशो की शरण में संन्यासी बनने चले गए.

मिला नया नाम

उन्होंने 1980 के आसपास फिल्में करना छोड़ दी और पुणे में ओशो के आश्रम चले गए. इस बीच उन्होंने अपना नाम भी बदल लिया. उनको ‘स्वामी विनोद भारती’ के नाम से जाना जाने लगा. इतने बड़े सुपरस्टार होने के बावजूद विनोद खन्ना ने कोई सुविधा नहीं मांगी और आश्रम में सामान्य जनों की तरह रहने लगे.

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आश्रम में की साधारण सेवा

सुपरस्टार होने के बावजूद विनोद खन्ना ने आश्रम में कोई खास सुविधा नहीं मांगी. वो बाकी संन्यासियों की तरह ही रहते थे. उन्होंने माली का काम किया, बगीचे की देखभाल की. सबसे हैरानी वाली बात ये कि उन्होंने आश्रम के टॉयलेट साफ किए, झूठे बर्तन धोए और रोजमर्रा की छोटी-छोटी सेवाएं कीं. बाद में वो ओशो के साथ अमेरिका के रजनीशपुरम आश्रम भी गए, जहां उन्होंने 4-5 साल बिताए, जहां पर वो गार्डनर बने, टॉयलेट साफ किए और बर्तन भी मांजे.

ब्रेक के बाद किया कमबैक

कुछ साल बाद विनोद खन्ना वापस भारत लौटे और फिल्मों में कमबैक कियाय. उनकी पहली फिल्म ‘इंसाफ’ अच्छी नहीं चली, लेकिन बाद में ‘दयावान’, ‘वांटेड’ और ‘दबंग्ग’ जैसी फिल्मों से उन्होंने फिर नाम कमाया. लेकिन वो हमेशा कहते थे कि आश्रम के दिनों ने उन्हें असली सुकून दिया. हालांकि, उनकी वापसी का कारण कोई नहीं जानता.

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विनोद खन्ना की फिल्में

विनोद खन्ना ने कई सुपरहिट फिल्में दी. जैसे कि ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ और ‘हिरा और पत्थर’. ये सभी सुपरहिट फिल्में थी, जिनका सिक्का आज भी सिनेमा में चलता है. लोग उन्हें देखने के लिए थिएटरों में उमड़ पड़ते थे. हालांकि, आश्रम से लौटने के बाद उन्होंने अपना अस्तित्व फिर से बना लिया.

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