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मैले कपड़े, मासूम चेहरा और जेब पर नजर! MP से मुंबई आती थीं 3 महिलाएं, भीड़ में घुसकर ऐसे करती थीं ‘हाथ साफ’

इन वारदातों के बाद डीएन नगर पुलिस ने जांच तेज की. संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच से पुलिस को अहम सुराग मिला. पता चला कि महिलाएं चोरी का सामान लेकर मुंबई से निकलने की तैयारी में हैं. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बांद्रा रेलवे स्टेशन के आसपास तलाश शुरू की.

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देखने में बिल्कुल आम महिलाएं, कपड़े मैले-कुचैले और अंदाज ऐसा कि कोई दूसरी नजर तक न डाले. लेकिन भीड़भाड़ वाले बाजार में पहुंचते ही इनकी नजर सीधे लोगों के पर्स और गहनों पर होती थी. मध्य प्रदेश के राजगढ़ से मुंबई आने वाली तीन महिलाओं का कथित चोरी का गैंग आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. मुंबई पुलिस की डीएन नगर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके पास से 50 हजार रुपये नकद और करीब 3 लाख रुपये के सोने के गहने बरामद किए हैं.

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सोनम बनेरी (37), अनमोल जगवीर सिंह सिसोदिया (27) और श्वेता सिसोदिया (27) के रूप में हुई है. तीनों राजगढ़ जिले के एक ही गांव की रहने वाली हैं.

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हर कुछ महीने में मुंबई का ‘चोरी मिशन’

पुलिस के मुताबिक, तीनों महिलाएं हर दो से चार महीने में मुंबई आती थीं. यहां किसी होटल या लॉज में ठहरतीं और करीब एक सप्ताह से 15 दिन तक भीड़भाड़ वाले बाजारों में घूमती थीं. मुंबई आने-जाने के लिए वे आमतौर पर अनारक्षित ट्रेन के डिब्बों का इस्तेमाल करती थीं. सबसे दिलचस्प था उनका पहनावा. पुलिस के अनुसार, जानबूझकर गंदे और मैले कपड़े पहनती थीं, ताकि बाजार में उन्हें देखकर किसी को उन पर शक न हो. भीड़ में आसानी से घुल-मिल जाना ही इनके तरीके का अहम हिस्सा था.

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तीन महिलाएं, तीन जिम्मेदारियां और एक निशाना

पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों की भूमिका बंटी हुई थी. एक महिला शिकार का ध्यान भटकाती, दूसरी मौका मिलते ही पर्स या गहने पर हाथ साफ करती और तीसरी आसपास की गतिविधियों पर नजर रखती थी. वारदात के बाद चोरी का सामान आपस में बांट लिया जाता था.

दो दिन में 3.75 लाख का माल गायब

पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को अंधेरी मार्केट में 45 वर्षीय पारिजात गावली खरीदारी कर रही थीं. इसी दौरान कथित तौर पर उनका ध्यान भटकाकर उनके पर्स से करीब 3 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन चोरी कर ली गई. अगले ही दिन, 8 अगस्त को अंधेरी पश्चिम के मनीष मार्केट में 31 वर्षीय वासुदेवी सितावडेकर को निशाना बनाया गया. पुलिस के मुताबिक, उनका ध्यान भटकाकर पर्स चोरी किया गया, जिसमें 75,500 रुपये नकद थे. यानी महज 48 घंटे के भीतर करीब 3.75 लाख रुपये का माल चोरी होने की बात सामने आई.

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कैसे पकड़ा गिया गिरोह?

लगातार हुई इन वारदातों के बाद डीएन नगर पुलिस ने जांच तेज की. संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच से पुलिस को अहम सुराग मिला. पता चला कि महिलाएं चोरी का सामान लेकर मुंबई से निकलने की तैयारी में हैं. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बांद्रा रेलवे स्टेशन के आसपास तलाश शुरू की. जांच में पता चला कि तीनों स्टेशन के पास एक लॉज में ठहरी हुई थीं. इसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया. कार्रवाई में बांद्रा रेलवे पुलिस की महिला विंग ने भी मदद की.

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50 हजार कैश और 3 लाख के गहने बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने महिलाओं के पास से 50 हजार रुपये नकद और करीब 3 लाख रुपये कीमत के सोने के गहने बरामद किए. पुलिस का दावा है कि बरामद सामान अंधेरी में हुई दोनों चोरी की वारदातों से जुड़ा हुआ है. पूछताछ में तीनों महिलाओं ने पुलिस से कथित तौर पर कहा कि उन्होंने पहली बार चोरी की है. लेकिन पुलिस को उनके इस दावे पर भरोसा नहीं है.

अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या तीनों ने मुंबई या दूसरे शहरों में भी इसी तरह की वारदातें की हैं. अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज पुरानी चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है और पुराने CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. पुलिस मध्य प्रदेश के उनके गांव से भी जानकारी जुटा रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या इस कथित गैंग में तीनों महिलाओं के अलावा और भी लोग शामिल हैं.

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First published on: Aug 14, 2026 12:52 PM

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