New Tax Regime : वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। ऐसे में अब करदाता अपनी टैक्स देनदारी को कम करने और बचत को बढ़ाने की रणनीति बना रहे हैं। देश में दो तरह की टैक्स व्यवस्था है। ऐसे में आपको आईटीआर दाखिल करते समय पुरानी टैक्स रिजीम और नई टैक्स रिजीम में से कोई एक सलेक्ट करना होगा है।
अगर आप नई और पुरानी में से किसी भी टैक्स रिजीम में नहीं सलेक्ट करते हैं तो आपको नई टैक्स रिजीम के तहत रखा जाएगा। बजट 2022 में 115BAC के तहत नई टैक्स रिजीम पेश की गई थी। इसके तहत टैक्स की दरें कम हैं, जिससे टैक्स भी कम कटेगा।
नई टैक्स स्लैब में क्या हैं टैक्स की दरें
3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
3-6 लाख रुपये की सालाना आय पर 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जबकि 15 लाख रुपये से अधिक इनकम पर 30 प्रतिशत टैक्स है।
7 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट उपलब्ध है, जिससे 7.5 लाख रुपये तक वेतन वाले व्यक्तियों को राहत मिलती है।
नई टैक्स स्लैब के तहत उपलब्ध भत्ते और कटौतियां
नई टैक्स रिजीम में करदाता 50,000 तक का टैक्स डिडक्शन ले सकते हैं।
शेयरों या म्यूचुअल फंड से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 1 लाख रुपये तक कटौती सीमित है।
परिवहन, वाहन, यात्रा और कर्मचारियों के एनपीएस खातों में नियोक्ता योगदान जैसे भत्तों पर कई तरह की छूटें मिलती हैं।