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बाढ़ से तबाही के बाद नेपाल के मुर्दाघरों में नहीं बची जगह, अपनो को ढूंढ़ने के लिए चक्कर काट रहे परिजन

Flash Flood In Nepal: तिब्बत बॉर्डर के पास नेपाल में आई तबाही कितनी खतरनाक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रभावित जिलों के तमाम मुर्दाघर में क्षमता से ज्यादा शव आ चुके हैं. अब स्थानीय प्रशासन को लाश के लिए अलग से इंतेजाम करने पड़ रहे है.

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Nepal Flash Flood: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में बह गए लोगों के शव नदी के बहाव की दिशा में काफी दूर मिल रहे हैं. इससे मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई है और अधिकारियों को शवों को रखने और उनकी पहचान करने के लिए अस्थायी इंतेजाम करने पड़ रहे हैं. मीडिया में आई खबर से ये जानकारी मिली.

मोर्चरी हुई फुल

‘द काठमांडू पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, रसुवा और नुवाकोट से बहे शव चितवन, तनाहुन, नवलपरासी, गोरखा और दूसरे जिलों तक मिले हैं, जिससे कई इलाकों के मोर्चरी में शव रखने तक की जगह नहीं बची है. बुधवार, 26 अगस्त 2026 को नेपाल में भोटेकोशी में अचानक बाढ़ आ गई थी. ये बाढ़ रसुवा और दूसरे जिलों से होते हुए त्रिशूली और नारायणी रिवर सिस्टम में तेजी से आगे बढ़ी, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ और बस्तियों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा.

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अस्थायी सेंटर तैयार

खबर में कहा गया है कि चितवन में मिले शवों की तादाद अस्पताल की क्षमता से ज्यादा हो गई है, जिसके कारण अधिकारी शव रखने के लिए भरतपुर में एक अस्थायी सेंटर तैयार कर रहे हैं. 27 अगस्त 2026 को चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्यल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए फैसले के बाद, भरतपुर महानगर-10 में विद्युत रोड पर स्थित ‘इंडस्ट्रियल एंटरप्राइज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट’ की एक खाली इमारत को इस फैसिलिटी सेंटर में बदला जाएगा.

कितने शव हुए बरामद?

बीते गुरुवार को त्रिशूली और नारायणी नदियों के चितवन वाले हिस्से में फिशलिंग और गोलाघाट के बीच 137 शव बरामद किए गए और शव मिलने का सिलसिला जारी है. मिले शवों की बढ़ती तादाद के कारण लापता लोगों के परिवार वाले भी अपने रिश्तेदारों की तलाश में रसुवा, नुवाकोट, गोरखा और दूसरे जिलों से चितवन पहुंच रहे हैं.

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एक मुर्दाघरों में कितने शवों की जगह?

आर्यल ने बताया कि चितवन के अस्पतालों के मुर्दाघरों में कुल मिलाकर 30 से 50 शव रखे जा सकते हैं, जबकि अस्थायी सुविधा केंद्र में लगभग 250 शव रखने की जगह होने की उम्मीद है. खबर के मुताबिक, अगर ये क्षमता भी कम पड़ जाती है, तो अधिकारियों ने देवघाट स्थित इलेक्ट्रिक श्मशान घाट को एक एक्स्ट्रा ऑप्शन के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला किया है.

पड़ोसी जिलों से ली जाएगी मदद

इस बीच बाढ़ प्रभावित कई जिलों से शव लाए जाने के बाद पोखरा के मुर्दाघरों में भी जगह लगभग भर गई है. खबर के मुताबिक, तनाहुन, गोरखा, नवलपरासी ईस्ट और धाडिंग से कुल 93 शव पोखरा लाए गए हैं. कास्की के मुख्य जिला अधिकारी कुमान सिंह गुरुंग ने बताया कि जिले के अस्पतालों में कुल मिलाकर 88 शव रखने की क्षमता है. गुरुंग ने कहा, ‘संख्या के हिसाब से, हम पहले ही क्षमता से ज्यादा शव रख चुके हैं.’ उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अभी तो शवों को रखने का इंतजाम कर लिया है, लेकिन अगर और शव आते हैं तो उन्हें पड़ोसी जिलों के साथ तालमेल बिठाना होगा.

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First published on: Aug 28, 2026 03:04 PM

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