अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे पर बड़ा बयान दिया है और ईरान को धमकी भी दी है. उन्होंने कहा है कि शुरुआती जांच के अनुसार फ्लाईदुबई फ्लाइट के को-पायलट का संबंध ईरान से हो सकता है. अगर सच में ऐसा हुआ तो ईरान को इसका बहुत बुरा अंजाम भुगतना होगा. क्योंकि ओमानी नागरिक को-पायलट ने पायलट की हत्या करने और विमान को क्रैश करने का प्रयास किया. सऊदी अरब, इजरायल और भारत मामले की जांच कर रहे हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है. लेकिन अगर उस हमलावर का ईरान या किसी अन्य संगठन से सीधा संबंध निकला तो अमेरिका से ईरान को कोई नहीं बचा पाएगा.
फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे की जांच रिपोर्ट का इंतजार
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात की तो उन्होंने फ्लाईदुबई हादसे के को-पायलट का संबंध ईरान से होने के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन संकेत दिए कि जांच जारी है और घटनाक्रम से ईरान का नाम जुड़ सकता है, लेकिन इस मामले में अभी सीधे कुछ कहना ठीक नहीं होगा. अगर ईरान का कनेक्शन मिलता तो ईरान को बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी. इससे बयान के आधार पर कहा जा रहा है कि ईरान को फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे की जानकारी थी और अगर जांच में घटनाक्रम के पीछे ईरान का हाथ मिला तो अमेरिका का कोप झेलना पड़ेगा. क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही ईरान का 7 सूत्रीय शांति प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं और इस बार के हमले को अंजाम तक पहुंचाने की चेतावनी दे चुके हैं.
यहूदियों को मारना चाहता था ओमानी को-पायलट?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे की शुरुआती जांच में पता चला है कि ओमानी को-पायलट इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा का इंसान था. उसके पर्सनल डेटा, फैमिली बैकग्राउंड, सोशल मीडिया अकाउंट आदि की जांच जारी है और उसकी अब तक की जिंदगी की कहानी के बारे में भी पता लगाया जा रहा है. जांच में यह भी पता चला है कि को-पायलट ने सोशल मीडिया पर यहूदियों को लेकर एक पोस्ट लिखी थी, जिसमें उसने उन्हें मारने की बात की थी. उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स से संकेत मिलते हैं कि वह जिहादी था. लेकिन जब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिलती, तब तक कहा नहीं जा सकता कि ओमानी हमलावर की कोशिश आतंकी हमला करने की थी या नहीं?
को-पायलट ने फ्लाइट में पायलट पर हमला किया
बता दें कि 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट के विमान में को-पायलट ने पायलट पर जानलेवा हमला किया. विमान को हाईजैक करके उसे क्रैश कराने का प्रयास किया, लेकिन बुरी तरह घायल होने के बाद भी पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और फिर वह बेहोश हो गए. कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने हमलावर का पकड़ लिया और नीचे जमीन की ओर जाते प्लेन को कंट्रोल किया. नहीं तो विमान में सवार 180 लोग मारे जाते और अगर विमान नीचे जमीन पर गिरता तो हजारों लोगों की जान भी जा सकती थी. घटनाक्रम के चलते ATC को इमरजेंसी अलर्ट कोड मिला, जिसके चलते कई देशों में हड़कंप मचने जैसे हालात बन गए थे.