फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में हुई घटना के बारे में फ्लाइट में मौजूद एक यात्री और पेशे से डेंटिस्ट मूसेव शोटा ने अपनी आंखों देखी घटना बयां की. उन्होंने कहा, ‘कॉकपिट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर उनके ही को-पायलट ने कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. उस समय मच्छार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे. उनके शरीर से काफी खून बह रहा था और वह बार-बार बेहोशी की हालत में जा रहे थे. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई.
शोटा उन चार यात्रियों में से थे, जो सबसे पहले कॉकपिट की तरफ पहुंचे थे. उस समय ओमान का को-पायलट कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था. शोटा और तीन अन्य यात्रियों ने मिलकर को-पायलट को पकड़ा और उसे रोकने की कोशिश की. इसके बाद शोटा ने सबसे पहले घायल पायलट स्मित का इलाज शुरू किया. उन्होंने विमान में ही जरूरी उपचार से उनका खून रोकने की कोशिश की, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली.
‘मैंने इंतजार नहीं किया, तुरंत कॉकपिट की तरफ भागा’
इजरायली मीडिया Ynet से बात करते हुए शोटा ने कहा, ‘मैंने इंतजार नहीं किया. मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है और मैं तुरंत वहां भागा.’ शोटा के मुताबिक जब उन्होंने पायलट स्मित को देखा तो उनकी हालत बहुत खराब थी. सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था. शोटा ने कहा, ‘विमान में मैं ही एक डॉक्टर था. मैंने खून रोकने की कोशिश की. लैंडिंग से कुछ समय पहले तक पायलट की हालत काफी ठीक थी, लेकिन उसके बाद उनकी स्थिति थोड़ी बिगड़ गई.’
उन्होंने CNN को बताया कि पायलट के शरीर पर कई गहरे घाव थे. उनके मुताबिक, स्मित का सिर और हाथ पर गहरे घाव थे और ऐसा लग रहा था जैसे वे लगभग दो हिस्सों में कट गए हों. शोटा ने कहा कि पायलट की हालत गंभीर थी, लेकिन उस समय उन्हें बेहद नाजुक नहीं कहा जा सकता था. सबसे बड़ी चिंता उनके शरीर से ज्यादा खून का बहना था.
खून से लथपथ हालत में भी बात कर रहे थे पायलट
घायल होने के बावजूद स्मित ने अपने होश नहीं खोए थे. वह विमान के फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे, लेकिन यात्रियों से बात कर रहे थे. शोटा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पायलट ने उनसे बातचीत करते हुए बताया कि उनकी उम्र 39 साल है और उनके दो बच्चे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि हमलावर ने उन्हें धारदार चीज से मारा और गालियां दीं.
एसोसिएटेड प्रेस (AP) से बातचीत में शोटा ने कहा कि घायल पायलट उस दौरान लगातार प्रार्थना कर रहे थे. शोटा ने कहा कि उन्हें डर था कि कहीं पायलट की जान न चली जाए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विमान के अंदर दो लोगों को फर्श पर घायल और खून से लथपथ हालत में देखा गया.
सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद विमान ने सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग की. लैंडिंग के बाद सऊदी अरब की मेडिकल टीम ने घायल पायलट का इलाज किया. शोटा ने बताया कि मेडिकल टीम से उन्हें पता चला कि पायलट बच गए हैं और अब वह खतरे से बाहर है.
भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
घटना के बाद रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा में भारत के कंसुलेट जनरल दूतावास ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत बारे में बताया. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दोनों भारतीय मिशन कैप्टन मच्छार की मेडिकल जानकारी लगातार ले रहे हैं. दूतावास के मुताबिक, पायलट नॉर्थ-वेस्ट सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज किया जा रहा है. भारतीय मिशन ने कहा कि वह उनकी सेहत को लेकर पूरी मेडिकल अपडेट का इंतजार कर रहा है. दूतावास ने कहा कि कैप्टन जल्द से जल्द ठीक हो जाएंगे. भारतीय मिशन ने यह भी बताया कि वह पायलट के परिवार के बातचीत कर रहा है.