मिडिल ईस्ट में ईरान की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य घेराबंदी शुरू हो गई है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी में फिर से सैनिकों को तैनात करने का आदेश दिया है. बीते दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि ईरान का 7 सूत्रीय शांति प्रस्ताव मंजूर नहीं है और 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर बमबारी हो सकती है. इसलिए वे करीब 7000 से ज्यादा नौसैनिक और 2000 मरीज तैनात कर रहे हैं, जिनके साथ अक्टूबर के आखिर तक 3 एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट में पहुंच सकते हैं. दरअसल इजरायल जा रही फ्लाइट में कैप्टन को चाकू मारने वाले को-पायलट का संबंध ईरान से होने के संकेत मिले हैं. अगर यह बात सच साबित हुई तो ईरान पर आज तक का सबसे बड़ा और भयंकर हमला होगा.
3 नवंबर के बाद ईरान पर हमला हो सकता
अमेरिकी सेना के अधिकारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर फिर से बमबारी करने की चेतावनी दी थी और अब फिर उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है, क्योंकि फ्लाईदुबई फ्लाइट में पायलट पर हमला करके विमान को क्रैश कराने का प्रयास करने वाले को-पायलट के तार ईरान से जुड़ने के संकेत मिले हैं. अगर यह संकेत सही साबित हुए तो ईरान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वैसे भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब ईरान के साथ युद्ध् को अंजाम तक पहुंचाना चाहते हैं. इसलिए उन्होनें मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि 3 नवंबर के मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर बमबारी की जा सकती है. उन्होंने ईरान का ताजा 7 सूत्रीय शांति प्रस्ताव ठुकरा दिया, क्योंकि जो ईरान को घुटनों पर लाकर अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं.
ये 3 एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट रवाना
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जंग का असर चुनाव पर पड़ सकता है. रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में नुकसान हो सकता है, लेकिन फायदा यह होगा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा और उसके पास परमाणु हथियार होना भी नहीं चाहिए, क्योंकि इससे आधी से ज्यादा दुनिया को खतरा होगा. इसलिए अब USS थिओडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट के लिए रवाना हो गया है. उसके साथ क्रूजर USS चोसिन और USS मकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप भी मिडिल ईस्ट जा रहे हैं. इनके साथ USS जॉन पी मर्था और USS एंकोरेज नामक दिन रात उड़ने वाले लैंडिंग जहाज भी शामिल हैं, जो ईरान की रातों की नींद हराम करने के लिए काफी हैं, इसलिए वह समय रहते संभल जाए तो बेहतर.
बता दें कि मिडिल ईस्ट में नई तैनाती के बाद 20000 से ज्यादा नौसैनिक और मरीन तैनात होंगे. नौसेना के एयरक्राफ्ट के साथ हजारों लड़ाकू विमान होंगे. अप्रैल 2026 में साल 2003 के बाद पहली बार अमेरिकन नौसेना के 3 कैरियर स्ट्राइक USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश, USS जॉर्ज वाशिंगटन और USS बॉक्सर एम्फीबियस रेडीनेस को मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया था. हालांकि आमतौर पर अमेरिकी सेना प्रशांत महासागर में रहती है, लेकिन इस बार सेना मिडिल ईस्ट में तैनात रहेगी.