दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. जांच में आरोपी ओमानी को-पायलट के कथित तौर पर कट्टर मजहबी विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही जा रही है. हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक घटना के पीछे के मकसद का खुलासा नहीं किया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में दावा किया कि ओमानी को-पायलट इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था.
आरोपी के साथ काम कर चुके साथी ने किया खुलासा
पीएम नेतन्याहू ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में ये साफ हो सकता है कि उसके ईरान से किसी तरह के संबंध थे या नहीं. आरोपी की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी पायलट के साथ काम कर चुके एक साथी पायलट ने उसके व्यवहार को बेहद मजहबी बताया. रिपोर्ट में दावा किया गया कि वह नियमित रूप से काफी समय प्रार्थना में बिताता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से भी परहेज करता था.
हालांकि, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के धार्मिक विचारधारा उसे हमला करने के लिए उकसा सकती है. अधिकारी इस मामले में आतंकवाद समेत कई संभावित एंगल्स से भी जांच कर रहे हैं और फिलहाल किसी एक वजह की पुष्टि नहीं हुई है.
नौ महीने पहले ही एयरलाइन में हुई थी भर्ती
इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी को-पायलट को फ्लाईदुबई ने करीब 9 महीने पहले ही नौकरी पर रखा था. ओमान के एक अधिकारी ने भी अमेरिकी मीडिया को पुष्टि की है कि आरोपी ओमान में पैदा हुआ था और उसके पास ओमान की नागरिकता थी. घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया है. गौरतलब है कि घटना के बाद विमान की तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी, जिसके बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया.
भारत समेत कई देश कर रहे फ्लाईदुबई मामले की जांच
जांच से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, सऊदी अरब के साथ UAE, अमेरिका और ओमान भी मामले की जांच में सहयोग कर रहे हैं. भारत ने भी अपने स्तर पर इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारी ने कहा कि जांच में आतंकवाद सहित सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है और अभी किसी संभावना को खारिज नहीं किया गया है.