नेपाल की बालेन सरकार ने शिक्षा के नाम पर चल रहे कोचिंग के धंधे पर लगाम कसने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी और ब्रिज कोर्स के नाम पर मासूम छात्रों और उनके माता-पिता को लूटना आसान नहीं होगा. शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक नया फरमान जारी करते हुए देश के सभी कोचिंग सेंटर्स को अगले 15 दिनों के भीतर अपना बोरिया-बिस्तर समेटने यानी पूरी तरह काम बंद करने का आदेश दे दिया है. इस फैसले से उन संस्थानों में हड़कंप मच गया है जो लंबे समय से शिक्षा को मोटी कमाई का जरिया बनाए हुए थे.
छात्रों पर मानसिक दबाव और बढ़ता आर्थिक बोझ
सरकार का मानना है कि ये कोचिंग सेंटर्स पढ़ाई के बेहतर विकल्प देने के बजाय छात्रों के दिमाग पर गलत असर डाल रहे हैं और उनके परिवार वालों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहे हैं. असल में स्कूल और कॉलेज में एडमिशन का सीजन शुरू होते ही ये संस्थान सक्रिय हो जाते हैं और बड़े-बड़े वादे करके छात्रों पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर देते हैं. बालेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि एडमिशन दिलाने के बहाने जो खेल चल रहा है उसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार की प्राथमिकता अब छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के सही माहौल को सुरक्षित रखना है ताकि बच्चों का स्वाभाविक विकास हो सके.
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शिक्षा माफिया के मुनाफे पर सरकार की कड़ी चोट
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में दो टूक कहा है कि कोचिंग सेंटर के नाम पर कुछ शिक्षा माफिया अपना अवैध धंधा चलाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं जबकि इससे छात्रों को कोई खास फायदा नहीं पहुंचता. सरकार का तर्क है कि इस तरह के शॉर्ट-कट कोर्स बच्चों के मानसिक विकास और शिक्षा के समान अवसर के अधिकार में बड़ी बाधा पैदा करते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने सभी निजी संस्थानों को 14 अप्रैल तक का समय दिया है ताकि वे अपनी गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दें. यह आदेश उन सभी सेंटर्स पर लागू होगा जो नियमों को ताक पर रखकर ब्रिज कोर्स और एंट्रेंस की तैयारी के नाम पर दुकानें चला रहे थे.
नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर होगी जेल और जुर्माना
सरकार ने सिर्फ आदेश ही नहीं दिया है बल्कि इसकी कड़ी निगरानी के लिए जिला प्रशासन को विशेष निर्देश भी जारी कर दिए हैं. सभी जिला अधिकारियों को साफ कह दिया गया है कि अगर 14 अप्रैल की समयसीमा खत्म होने के बाद भी कोई संस्थान चोरी-छिपे ये कोर्स चलाता हुआ मिला तो उस पर कानून के हिसाब से सख्त एक्शन लिया जाएगा. बालेन सरकार ने इस कार्रवाई के जरिए यह कड़ा संदेश दे दिया है कि शिक्षा अब केवल कमाई का जरिया नहीं रहेगी बल्कि इसे छात्रों के उज्जवल भविष्य का सच्चा रास्ता बनाया जाएगा. अब देखना यह होगा कि सरकार के इस क्रांतिकारी कदम के बाद नेपाल की शिक्षा व्यवस्था में कितना बड़ा सुधार आता है.
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