कैथोलिक समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु 71 वर्षीय पोप लियो XIV फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं. होली सी प्रेस ऑफिस द्वारा जारी मेडिकल बयान के अनुसार, डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को सफलतापूर्वक निकाल दिया है. वैटिकन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर तय योजना के तहत पोप की थोरेसिक सर्जरी की गई. डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व प्रोफेसर स्टेफानो मार्गरीटोरा ने किया, जिसमें प्रोफेसर एलिसा मियाची, डॉ. मारिया टेरेसा कोंगेडो और डॉ. लियोनार्डो पेट्राका चियावारेला शामिल रहे. एनेस्थीसिया टीम की कमान प्रोफेसर मासिमो एंटोनेली और उनके सहयोगियों ने संभाली.
डॉक्टरों ने बताया कि सटीक और सुरक्षित इलाज सुनिश्चित करने के लिए वीडियो-असिस्टेड तकनीक का इस्तेमाल करते हुए फेफड़े का प्रभावित निचला हिस्सा निकाला गया. सर्जरी के दौरान किए गए हिस्टोलॉजिकल टेस्ट में फेफड़ों के कैंसर की पुष्टि हुई है, जिसका संदेह ऑपरेशन से पहले हुई जांच में सामने आ गया था. पोप करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन थिएटर में रहे, मुख्य सर्जरी लगभग 90 मिनट तक चली. डॉक्टरों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी अड़चन या परेशानी के पूरी हुई.
ऑपरेशन के बाद पोप सामान्य रूप से होश में आ गए. कुछ समय डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रहने के बाद उन्हें अस्पताल की 10वीं मंजिल पर स्थित उनके कमरे में शिफ्ट कर दिया गया. होली सी प्रेस ऑफिस के निदेशक माटेओ ब्रूनी ने बताया कि सर्जरी के बाद पोप ने रात का खाना मांगा और अपनी टीम व वैटिकन स्टाफ के साथ समय बिताया.
वैटिकन ने स्पष्ट किया है कि पोप पहले से तय कार्यक्रम के तहत लगभग एक सप्ताह तक अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में रहेंगे. हटाए गए ऊतकों की आगे की विस्तृत जांच आने वाले दिनों में की जाएगी. वैटिकन प्रेस ऑफिस बुधवार सुबह उनके स्वास्थ्य का नया अपडेट जारी करेगा.