इजरायल ने सुरक्षा नियमों को सख्त करते हुए 11 देशों के पायलटों और क्रू पर पाबंदी लगा दी है. न्यूयार्क से तेल अवीव आ रही डेल्टा एयरलाइंस की उड़ान को मंगलवार को बम की धमकी मिली थी. विमान खाली कराकर तलाशी ली गई थी. हालांकि, विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला. मंगलवार को ही दूसरी घटना में इंडोनेशियाई पायलट होने के कारण Ethiopian एयरलाइन के कार्गो विमान को वापस अदीस अबाबा भेजा गया. पायलट बदलने के बाद उसे इजराइल आने की अनुमति मिली.
बता दें, Flydubai की घटना के बाद इजराइल ने 11 देशों के पायलटों और क्रू पर प्रतिबंध लगाया है. इनमें ईरान, सऊदी अरब, कतर और इंडोनेशिया शामिल हैं. इन देशों के पायलट अगर इजराइल में लैंडिंग के वक्त भी डिटेक्ट हो रहे हैं तो जहाज लौटा दिए जा रहे हैं.
वहीं, दूसरी खबर के मुताबिक, दुबई-तेल अवीव उड़ान के अपहरण और उसे दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित साजिश के संबंध में यूएई की पुलिस ने ‘फ्लाईदुबई’ में कार्यरत मालदीव के दो पायलट को गिरफ्तार किया है. ओमान के एक सह-पायलट की साजिश को नाकाम करने की कोशिश के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए थे. मालदीव के समाचार पोर्टल ‘अधाधू’ की खबर के मुताबिक, दोनों सह पायलट को तीन अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था और संयुक्त अरब अमीरात में मालदीव के दूतावास ने उनके परिवारों को हिरासत में लिए जाने की औपचारिक सूचना दे दी है.
हिरासत में लिए गए मालदीव के नागरिकों पर लगे आरोपों या उनकी संभावित संलिप्तता के बारे में यूएई अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है.
ये गिरफ्तारियां 30 सितंबर की घटना की जांच के दायरे को यूएई के अधिकारियों द्वारा बढ़ाए जाने के बीच हुई हैं. इस घटना में ‘फ्लाईदुबई’ के सह-पायलट और ओमान के नागरिक हम्माम अल-हम्मामी पर विमान के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप है. आरोप है कि उसने विमान पर नियंत्रण करने और ‘आतंकवादी हमला’ करने के इरादे से ऐसा किया.
माले से प्रकाशित समाचार पत्र ‘मिहारू’ की खबर के अनुसार माना जा रहा है कि दोनों पायलट की अपने कार्यस्थल पर अल-हम्मामी से बातचीत होती थी और वे उसी इमारत में रहते थे, जिसमें वह रहता था. अधिकारियों ने फिलहाल घटना से उनके कथित संबंधों की प्रकृति का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया है और न ही उनके खिलाफ मौजूद सबूतों का ब्योरा दिया है.