Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
Read More---विज्ञापन---
उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश और कई बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है. गंगा, यमुना, मंदाकिनी, टोंस, बेलन, सरयू, घाघरा और शारदा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान के आसपास या उसके ऊपर बह रही हैं. सैलाब की वजह से सैकड़ों गांवों का संपर्क कट गया है. इसके अलावा हजारों एकड़ में फैली फसलें पानी में डूब गई हैं.
पिछले 24 घंटों में चित्रकूट, इटावा, बांदा, सीतापुर, बाराबंकी और संभल जिलों में दीवार गिरने, बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसे अलग-अलग हादसों में 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
यह भी पढ़ें : 1.5 डिग्री गर्म होने की कगार पर धरती, भारत पर मंडरा रहा कौन सा बड़ा खतरा? UN की रिपोर्ट ने बजाई खतरे की घंटी
चित्रकूट जिले में भारी बारिश और मंदाकिनी नदी के उफान ने भारी तबाही मचाई है. जिले में अब तक 565 कच्चे और पक्के मकान गिर चुके हैं. एक कच्चे मकान का मलबा गिरने से 32 साल कल्लू यादव, उनके 5 साल के बेटे अंश और 1 साल की मासूम बेटी गुड़िया की दबकर मौत हो गई. हादसे में कल्लू की पत्नी और एक अन्य बेटी गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के चलते प्रसिद्ध रामघाट समेत 16 गांव पानी में डूबे हुए हैं. नदी का जलस्तर पिछले 48 घंटों से लगभग 129 मीटर पर बना हुआ है, जो कि 126.500 मीटर के खतरे के निशान से काफी अधिक है. प्रशासन ने रामघाट इलाके से कई परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.
यह भी पढ़ें : वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार, नाव चलाने पर लगी रोक; घाटों पर जाने से किया मना
इसके अलावा इटावा में बिजली गिरने से 12वीं क्लास के 18 साल के छात्र की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, बांदा में तेज आंधी-बारिश के बीच सड़क पर भारी पेड़ गिरने से एक बाइक सवार की जान चली गई, जबकि दो चचेरे भाई घायल हो गए. सीतापुर में कच्ची दीवार गिरने से एक महिला की मलबे में दबकर जान चली गई. बाराबंकी में दीवार ढहने से एक की मौत और संभल में बिजली गिरने से एक मकान ढह गया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए.
प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें नावों के जरिए प्रभावित गांवों में राहत सामग्री, सूखा राशन और दवाइयां पहुंचाने में जुटी हैं.
यह भी पढ़ें : नेपाल बाढ़ से बहकर आई मछलियां खाने से मना क्यों कर रही बिहार सरकार?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित 1,000 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की और कहा कि उनकी सरकार 102 गांवों में बाढ़ से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देगी. उन्होंने बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से वित्तीय सहायता भी वितरित की. बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि मैं यहां आपको आश्वस्त करने आया हूं कि आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं. डबल इंजन वाली एनडीए सरकार आपके साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित करेगी कि आपकी आवश्यकताओं के अनुसार हरसंभव मदद आप तक पहुंचे.
न्यूज 24 पर पढ़ें उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।