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पहली कोशिश में बची मां… फिर बेटी ने बदला प्लान, 5 बीघा जमीन के लिए अपनी ही संतान ने रची हत्या की कहानी

पुलिस की जांच, डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, आरोपियों के बीच हुई बातचीत के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में कोर्ट कर्मचारी नीरज शर्मा (45 वर्षीय मृतका) की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े नए और हैरान करने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस हत्याकांड की साजिश को पहले सड़क हादसा के रूप दिया गया, फिर पुलिस जांच में पता चला कि नीरज की मौत सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की पैतृक जमीन को लेकर रची गई हत्या कहानी थी.

हत्या की पहली कोशिश में बाल-बाल बची थी जान


जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से कुछ दिन पहले उन पर एक और जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन वह उस कोशिश में बच निकली थीं. इसके बाद आरोपियों ने अपना प्लान बदलकर वारदात को अंजाम दिया. जयपुर पुलिस के मुताबिक, पहली बार नीरज शर्मा को उनके घर के बाहर एक किराये की महिंद्रा थार से टक्कर मारने की कोशिश की गई थी. हालांकि वह समय रहते खतरे को भांप गईं और बाल-बाल बच गईं. इस घटना के बाद वो और भी सतर्क रहने लगीं और घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए.

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बेटी ने आरोपियों संग मिलकर बदला प्लान


उस समय उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उनके खिलाफ रची जा रही साजिश में उनकी अपनी बेटी का नाम भी सामने आएगा. पुलिस का कहना है कि CCTV लगने के बाद आरोपियों ने घर के पास हत्या को अंजाम देने का प्लान बदल दिया और वारदात के लिए किसी और जगह की तलाश करने लगे. जांच में सामने आया है कि नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में एलडीसी थे.

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किस वजह से नाराज थी बेटी?


विजय कुमार के निधन के बाद परिवार ने यह फैसला लिया कि अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी नीरज शर्मा को दी जाए, ताकि उनके 16 वर्षीय दिव्यांग बेटे का भविष्य सुरक्षित रह सके. पुलिस का आरोप है कि इस निर्णय से उनकी 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा नाराज थी. बाद में वह अपने चाचा मोहन स्वरूप के घर रहने लगी. इसी दौरान कथित तौर पर चाचा और उसके फरार बेटे बलराम ने आयुषी को संपत्ति हासिल करने के लिए उकसाया.

बेटी ने रची मां की हत्या की खौफनाक कहानी


जांच एजेंसियों का दावा है कि आयुषी ने हत्या के बदले आगरा हाईवे स्थित करीब पांच बीघा की कीमती पैतृक जमीन का हिस्सा देने का वादा किया था. 3 जुलाई को वारदात वाले दिन आयुषी ने अपनी मां को फोन कर जरूरी काम के लिए घर बुलाया, लेकिन कुछ देर बाद ही वापस जाने को कहा. जैसे ही नीरज शर्मा रास्ते से पैदल लौट रही थीं, पहले से नजर रख रहे लोगों ने स्कॉर्पियो में सवार हमलावरों को इनपुट दिया. इसके बाद करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई एसयूवी ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी.

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पुलिस ने कैसे किया खुलासा?


टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज शर्मा करीब 100 फीट दूर जा गिरीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. शुरुआत में इस घटना को सामान्य हिट एंड रन दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी. लेकिन पुलिस की जांच, डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, आरोपियों के बीच हुई बातचीत के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है. फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

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First published on: Jul 10, 2026 01:00 PM

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