राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, सरपंच और पंच पदों के चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है. राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव की तारीखों की घोषणा की. प्रदेश में चार चरणों में मतदान कराया जाएगा, जबकि सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को होगी. इन चुनावों में जिला प्रमुख, प्रधान, सरपंच, पंच और जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों समेत करीब 1.50 लाख से अधिक जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा. इन प्रतिनिधियों को प्रदेश के करीब 4.03 करोड़ मतदाता चुनेंगे.
चार चरणों में होगा मतदान
- पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी और 23 अक्टूबर को मतदान होगा.
- दूसरे चरण में 13 अक्टूबर से नामांकन शुरू होंगे और 29 अक्टूबर को वोटिंग होगी.
- तीसरे चरण में 19 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 4 नवंबर को मतदान कराया जाएगा.
- चौथे चरण में 21 अक्टूबर से नामांकन शुरू होंगे और 14 नवंबर को मतदान होगा.
- 20 नवंबर को सभी चरणों की मतगणना की जाएगी.
जिला प्रमुख से लेकर उप प्रधान तक चुनाव
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 25 नवंबर को जिला प्रमुख के चुनाव और परिणाम घोषित किए जाएंगे. इसके अगले दिन 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख के चुनाव होंगे. वहीं 27 नवंबर को पंचायत समितियों के प्रधान और 28 नवंबर को उप प्रधान के चुनाव और परिणाम घोषित किए जाएंगे.
किन पदों पर होगा चुनाव?
- 41 जिला प्रमुख
- 1,403 जिला परिषद सदस्य
- 457 पंचायत समिति प्रधान
- 8,245 पंचायत समिति सदस्य
- 14,403 ग्राम पंचायत सरपंच
- 1,30,589 वार्ड पंच के लिए चुनाव होंगे.
कुल मिलाकर करीब 3 लाख 17 हजार कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में लगाए जाएंगे. ये कर्मचारी करीब 34 दिनों तक चुनाव ड्यूटी में रहेंगे.
जयपुर में सबसे ज्यादा चरण, जैसलमेर में सिर्फ एक चरण
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के साथ सरपंच-पंच के चुनाव भी चरणबद्ध तरीके से होंगे. जैसलमेर, फलोदी और सलूंबर में चुनाव एक ही चरण में होंगे, जबकि जयपुर में सबसे ज्यादा चार चरणों में मतदान कराया जाएगा. मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जयपुर सबसे बड़ा जिला है, जबकि जैसलमेर में सबसे कम मतदाता हैं. पंचायत समिति के आकार की बात करें तो मतदाताओं के लिहाज से खंडेला सबसे बड़ी पंचायत समिति है, जबकि जोधपुर की समराऊ पंचायत समिति सबसे छोटी बताई गई है.
चुनाव खर्च की सीमा भी तय
राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा भी तय की है. इसके तहत सरपंच उम्मीदवार 1 लाख रुपये तक, पंचायत समिति सदस्य 1.50 लाख रुपये तक और जिला परिषद सदस्य 3 लाख रुपये तक चुनावी खर्च कर सकेंगे.
पिछली बार की तुलना में बढ़े मतदाता
राजस्थान पंचायत चुनाव में पिछली बार वर्ष 2021-22 की तुलना में इस बार मतदाताओं की संख्या में 6.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. चार चरणों में होने वाले इन चुनावों के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो जाएगी. जिला परिषद से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक करीब डेढ़ लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधियों के चुनाव के लिए 4.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.