धनतेरस के चलते राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले तीन चरणों की तारीखों में बदलाव किया गया है. (Image- ANI)
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राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा बदलाव किया है. धनतेरस के त्योहार को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण के चुनावी तारीखों में बदलाव किया है. अब धनतेरस के दिन 6 नवंबर को पंच और सरपंच के लिए मतदान नहीं होगा. पहले चरण में पंच और सरपंच के चुनाव 25 अक्टूबर को होने थे, लेकिन अब मतदान एक दिन पहले यानी 24 अक्टूबर को होगा. इसके साथ ही चुनाव से जुड़ी दूसरी तारीखों में भी एक दिन का बदलाव किया गया है.
पहले चरण में 24 अक्टूबर को वोटिंग
पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां 21 अक्टूबर को रवाना होंगी. इसके अगले दिन यानी 22 अक्टूबर को मतदान होगा. वहीं, पंच और सरपंच के चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को नामांकन होगा और 24 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे.
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दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को मतदान
दूसरे चरण में पहले पंच और सरपंच के लिए 31 अक्टूबर को मतदान होना था, लेकिन अब 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी. 27 अक्टूबर को इस चरण के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी. 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा. इसके बाद 30 अक्टूबर को पंच और सरपंच के चुनाव होंगे, जबकि 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा.
धनतेरस पर्व के संबंध में धार्मिक आस्था और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव के प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण की तिथियों को एक दिन पीछे ले जाया जा रहा है । अब प्रथम चरण की पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान 22 अक्टूबर के बजाय 21 अक्टूबर को, द्वितीय चरण की पोलिंग पार्टियों का…
— State Election Commission Rajasthan (@SecRajasthan) October 6, 2026
5 नवंबर को तीसरे चरण के लिए वोटिंग
तीसरे चरण में पंच और सरपंच के चुनाव अब 6 नवंबर की जगह 5 नवंबर को होंगे. 2 नवंबर को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी. 3 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा. इसके बाद 5 नवंबर को पंच और सरपंच के चुनाव होंगे. वहीं, उपसरपंच का चुनाव पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार 6 नवंबर को ही होगा.
धनतेरस के कारण बदला चुनाव कार्यक्रम
असल में 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार है. इस दिन मतदान कराने को लेकर लोगों की ओर से चुनाव की तारीख बदलने की मांग की जा रही थी. लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाओं की वजह से राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले तीन चरणों के चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया है.
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चौथे चरण में कोई बदलाव नहीं
चौथे चरण में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस चरण में पहले से तय तारीख 16 नवंबर को ही मतदान होगा. पहले तीन चरणों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को प्रचार के लिए एक दिन कम समय मिलेगा. लेकिन, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव आम मतदाताओं के लिए नहीं है. संबंधित पंचायत के निर्वाचित पंच ही उपसरपंच के चुनाव में मतदान करते हैं. इसलिए धनतेरस के दिन आम लोगों को मतदान नहीं करना पड़ेगा.