महाराष्ट्र में 36 हजार कंपनियां बंद होने के दावे पर क्या बोले CM फडणवीस? शरद पवार को दिया जवाब

महाराष्ट्र में कंपनियों के बंद होने पर मचे सियासी घमासान के बीच CM देवेंद्र फडणवीस ने शरद पवार को जवाब दिया है. फडणवीस ने कहा कि बंद बताई जा रही 76% कंपनियां ‘डिफंक्ट’ थीं, जो कभी शुरू ही नहीं हुईं. साथ ही उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि महाराष्ट्र आज भी देश में नई कंपनियों और निवेश के मामले में नंबर-1 है.

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना यूबीटी सांसद राजाभाऊ वाजे के संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में महाराष्ट्र में 36,211 कंपनियों के बंद होने को लेकर सामने आई खबरों पर स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने शरद पवार को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ नए नेताओं ने इस आंकड़े का सुविधानुसार अर्थ निकालकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए और कुछ मीडिया संस्थानों ने भी इसे खबर के रूप में प्रकाशित किया. फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के हित के बारे में सोचने वाले वरिष्ठ नेता होने के नाते शरद पवार के मन में कोई गलतफहमी न रहे, इसलिए वह विस्तृत जानकारी दे रहे हैं.

76 फीसदी कंपनियां कभी शुरू ही नहीं हुईं

फडणवीस के मुताबिक, बंद बताई जाने वाली कंपनियों में 76 फीसदी कंपनियां ‘डिफंक्ट’ हैं. यानी ऐसी कंपनियां जो वास्तव में कभी शुरू ही नहीं हुईं. उन्होंने कहा कि संसद में पूछे गए सवाल और उसके जवाब का एक निर्धारित प्रारूप होता है. इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होने पर ही अतिरिक्त जानकारी सामने आती है. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट पर पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है.

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देश में 31 लाख से ज्यादा कंपनियां रजिस्टर्ड

फडणवीस ने बताया कि देश में 31 लाख से ज्यादा कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जिनमें करीब 21 लाख कंपनियां सक्रिय हैं. आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2015-16 में सक्रिय कंपनियों की संख्या जहां 6,78,768 थी, वहीं 3 जून 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 21,17,747 पर पहुंच गया है, जिसका अर्थ है कि पिछले 10 वर्षों में देश में सक्रिय कंपनियों की तादाद तीन गुना से भी अधिक बढ़ चुकी है.

राज्यों की बात करें तो 3,96,211 कंपनियों के साथ महाराष्ट्र पूरे देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है. इसके बाद दूसरे पायदान पर दिल्ली (2,72,342) और तीसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश (1,85,982) शामिल हैं. फडणवीस ने विश्वास जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र व्यापार और कंपनियों के मामले में देश में पहले स्थान पर था और आगे भी अपनी यह अग्रणी स्थिति बनाए रखेगा.

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हर साल करीब 1 लाख नई कंपनियां

मुख्यमंत्री के मुताबिक देश में हर साल करीब 1 लाख नई कंपनियां रजिस्टर होती हैं और महाराष्ट्र इस मामले में लगातार सबसे आगे है. 2025-26 में नई कंपनियों का आंकड़ा

  • महाराष्ट्र: 41,525
  • उत्तर प्रदेश: 27,494
  • दिल्ली: 20,272
  • कर्नाटक: 17,857
  • तेलंगाना: 17,300
  • तमिलनाडु: 17,024
  • गुजरात: 14,666
  • पश्चिम बंगाल: 10,598

चाकण के उद्योगों की समस्या पर सरकार गंभीर

चाकण औद्योगिक क्षेत्र को लेकर फडणवीस ने माना कि वहां कुछ समस्याएं हैं. उन्होंने मंत्री उदय सामंत को इन समस्याओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. 12 अगस्त को MIDC की पहल पर जिला प्रशासन, PWD, PMRDA, NHAI और जिला परिषद समेत संबंधित विभागों की बैठक हुई. उद्योगों की समस्याओं को सुनने के बाद अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान का रोडमैप तैयार किया गया है. फडणवीस ने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि चाकण से एक भी उद्योग बाहर न जाए. महाराष्ट्र उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य है और विदेशी निवेश के मामले में भी राज्य लगातार नंबर-1 बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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