Sharad Pawar: महाराष्ट्र में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को उन अटकलों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी किसी दूसरे पॉलिटिकल ग्रुप में विलय कर सकती है या बीजेपी की लीडरशिप वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के करीब जा सकती है. उन्होंने कहा कि पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक लड़ाइयां स्वतंत्र रूप से लड़ने पर फोकस करेगी.
‘हम एक स्वतंत्र पार्टी के तौर पर लड़ेंगे’
मुंबई में सीनियर नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक में बोलते हुए, पवार ने साफ किया कि पार्टी के भीतर चल रही किसी भी चर्चा का मकसद उनके नेतृत्व में NCP (SP) को मजबूत करना था. पवार ने कहा कि जो लोग उनके गुट के साथ फिर से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें उनकी पार्टी में शामिल होना होगा, साथ ही ये भी साफ किया कि उनका संगठन किसी दूसरे राजनीतिक समूह में विलय नहीं करेगा.
अटकलें क्यों बढ़ीं?
उनका ये कमेंट NCP के दोनों गुटों के बीच संभावित सुलह को लेकर महीनों से चल रही अटकलों के बीच आई है. पीएम नरेंद्र मोदी के साथ पवार की मुलाकात के बाद इन अटकलों को और ज्यादा हवा मिली थी, जिससे महाराष्ट्र में संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी. हालांकि अब ये साफ हो गया है कि सुनेत्रा पवार की पार्टी और शरद पवार के गुट में कोई विलय नहीं होगा.
सूखे और दूसरे मुद्दों पर ध्यान
इस मीटिंग में जिलों और तालुकों के सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में सूखे के हालात, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर भी फोकस किया गया.
शरद पवार ने कहा कि पार्टी की कोर कमेटी ने सूखे से राहत को लेकप अपनी मांगें तय कर ली हैं और वो 2 से 4 दिनों के भीतर राज्य सरकार से संपर्क करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. उन्होंने 265 तालुकों में सूखा घोषित करने के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कई प्रभावित इलाकों को इसमें शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने केले के किसानों के लिए मदद न मिलने पर भी चिंता जताई.
AI की तैयारी पर जोर
शरद पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राजनीति और चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका को समझने की भी गुजारिश की. उन्होंने कहा कि इलेक्शन मैनेजमेंट, जनता तक पहुंचने और पार्टी की
ऑर्गेनाइजेशनल एक्टिविटीज को मजबूत करने के लिए AI की जानकारी अहम होगी.