Sahil Wakode’s Parents Appeal to IIT Bombay Students: पिछले हफ्ते खुदकुशी करने वाले आईआईटी बॉम्बे के 20 साल के स्टूडेंड साहिल वाकोडे के माता-पिता ने संस्थान छात्रों से अपील की है कि वो अपना विरोध जारी रखें और ऐसी कोई भी चीज संभालकर रखें जो उनकी मौत की जांच में मदद कर सके. गौरतलब है कि साहिल के मौत की जांच अभी जारी है.
वीडियो के जरिए स्टूडेंट्स को मैसेज
स्टूडेंट्स के नाम एक वीडियो मैसेज में साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने कहा कि वो कई बार आईआईटी बॉम्बे कैंपस गए, लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाज़त नहीं मिली. उन्होंने घोषणा की कि वे सोमवार से मुंबई के आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे, ताकि उन्हें कैंपस में जाने की इजाज़त मिले और उनके बेटे को इंसाफ मिल सके.
पिता ने छात्रों से साथ देने की अपील की
साहिल की मां सोनाली के साथ में मौजूद रवींद्र ने छात्रों से परिवार की कोशिशों को सपोर्ट जारी रखने और साथ ही अपनी पढ़ाई और करियर पर भी ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि परिवार ये जानना चाहता है कि संस्थान के अंदर क्या हुआ था और छात्रों से अपील की कि वो ऐसी किसी भी जानकारी को नजरअंदाज़ न करें जो जांच या अदालती कार्यवाही के दौरान काम आ सकती है. रवींद्र ने उन छात्रों से भी अपील की जिनके पास साहिल की मौत से जुड़ा कोई सबूत हो सकता है, कि वो उसे सावधानी से संभालकर रखें और सही कानूनी तरीकों से अवेलेबल कराएं.
छात्रों ने IIT बॉम्बे में बदलाव की मांग की
माता-पिता की ये अपील तब आई जब आईआई बॉम्बे के छात्रों ने शुक्रवार शाम कैंडललाइट मार्च निकाला. 18 सितंबर को साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे और उस घटना को एक हफ़्ता हो चुका था. छात्रों ने संस्थान की 10 सदस्यीय जांच समिति के गठन पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि इसे फिर से गठित किया जाए. उन्होंने एक ऐसी नई समिति की मांग की है जिसमें आईआईटी बॉम्बे के मौजूदा छात्र या कर्मचारी शामिल न हों.
क्या है आंदोलनकारियों की मांग?
प्रदर्शनकारियों ने ये भी मांग की है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला, जिनका नाम जातिगत भेदभाव और खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस एफआईआर में दर्ज है, उन्हें आपराधिक जांच पूरी होने तक उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया जाए. इसके अलावा छात्रों ने आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे के इस्तीफे की भी मांग की है. कैंडललाइट मार्च आईआईटी के मेन गेट के पास ‘जस्टिस कॉर्नर’ से शुरू हुआ और हॉस्टल-4 पर खत्म हुआ. छात्रों का कहना है कि वो साहिल की मौत से जुड़े हालात की पारदर्शी जांच चाहते हैं.