New EPF Rule: बेसिक सैलरी 20,000 है तो कितना कटेगा PF और कितना जाएगा पेंशन में? जानिए नया नियम
EPF & EPS Rules Changed: वेज सीलिंग 15000 से बढ़कर 25000 कर दी गई है. 20000 रुपये सैलरी वालों के लिए अक्टूबर 2026 से बदलेगा कंपनी का PF और EPS अंशदान. जानिए पूरा कैलकुलेशन.
अक्टूबर 2026 से 25000 रुपये हुई वेज लिमिट, जानिए आपकी टेक-होम सैलरी और पेंशन पर असर (Filel Photo)
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अगर आपकी बेसिक सैलरी (Basic Pay) 15000 से ज्यादा है और आप अब तक केवल EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) में योगदान दे रहे थे, लेकिन EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) के दायरे में नहीं थे, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. अक्टूबर 2026 से सरकार के वेज सीलिंग (Wage Ceiling) यानी वेतन सीमा को 15000 से बढ़ाकर 25000 कर दिया गया है. इस एक बदलाव से अब आपके एम्प्लॉयर यानी कंपनी का PF में जाने वाला अंशदान बदलने वाला है.
अब अगर आपकी 20,000 सैलरी है तो इस पर इसका क्या असर पड़ेगा. आइए, आपको एकदम आसान भाषा में समझते हैं.
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पहले क्या नियम था और अब क्या बदला?
पुराने नियम (सितंबर 2014 के बाद) में जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15000 से ज्यादा थी और जिन्होंने सितंबर 2014 के बाद नौकरी शुरू की थी, उन्हें अनिवार्य रूप से EPS (पेंशन) का मेंबर नहीं बनाया जाता था. उनके 12% एम्प्लॉई शेयर और कंपनी के 12% एम्प्लॉयर शेयर का पूरा हिस्सा केवल EPF खाते (PF फंड) में ही जमा होता था.
लेकिन अब अक्टूबर 2026 से नया नियम लागू हो रहा है. अब वेज सीलिंग बढ़कर 25000 रुपये हो गई है. इसलिए, अगर आपकी बेसिक सैलरी 25000 तक है, तो आपको अनिवार्य रूप से EPS (पेंशन योजना) में शामिल होना पड़ेगा.
20000 बेसिक सैलरी पर PF और EPS का नया हिसाब-किताब अगर आपकी बेसिक सैलरी 20000 है, तो अक्टूबर 2026 से आपके PF और EPS में होने वाला मंथली कंट्रिब्यूशन कुछ इस तरह रहेगा:
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आसान शब्दों में समझें: आपकी जेब से कटने वाला हिस्सा वही रहेगा, सैलरी का 12% यानी 2400 रुपये, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. लेकिन कंपनी जो पहले पूरा 2400 आपके EPF खाते में डालती थी, अब उसमें से 1666 रुपये आपकी पेंशन (EPS) में जाएगा और बाकी बचा 734 रुपये आपके EPF खाते में जमा होगा.
कर्मचारियों को अपनी जेब से पेंशन (EPS) में कोई अलग से योगदान नहीं देना होता, यह पूरी तरह से आपकी कंपनी या मालिक के 12% अंशदान में से ही काटा जाता है.
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सितंबर 2026 के महीने का क्या होगा? चूंकि यह बदलाव महीने के बीच में प्रभावी हुआ है, इसलिए सितंबर 2026 के महीने को ECR कैलकुलेशन के लिए दो हिस्सों में बांटा जाएगा:
पहला भाग: 1 सितंबर से 16 सितंबर (16 दिन) दूसरा भाग: 17 सितंबर से 30 सितंबर (14 दिन)
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इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से आपकी पूरी सैलरी पर नई वेज सीलिंग यानी 25000 रुपये के तहत ही EPF और EPS की कटौती लागू की जाएगी.
इस बदलाव से भले ही आपके EPF खाते में जमा होने वाला मासिक फंड थोड़ा कम दिखे, लेकिन अब आपको पेंशन (EPS) का सुरक्षा कवच मिल जाएगा, जो रिटायरमेंट के बाद आपके और आपके परिवार के बेहद काम आएगा.