साफ रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों की होगी रिहाई, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान
साफ रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों की होगी रिहाई, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jul 30, 2026 17:56
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jul 30, 2026 17:56
Share :
Credit: Social Media
---विज्ञापन---
नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. बीजेपी सरकार ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा, साथ ही साफ रिकॉर्ड वालों को जल्द रिहा भी कर दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई शाम 6 बजे तक, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में 13 मामले दर्ज किए हैं. अब दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है- ”जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों को ये सुरक्षा नहीं मिलेगी.” सरकार ने ये भी निर्देश दिया है कि इस मामले में की गई गिरफ्तारी/हिरासत की जल्द से जल्द समीक्षा की जाए.
इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने भी ऐलान किया कि 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक NEET पेपर लीक से जुड़े विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, क्रिमनल बैकग्राउंड वाले लोगों पर ये आदेश लागू नहीं होगा. पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा, ‘नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने इविरोध-प्रदर्शनों से जुड़े सभी पहलुओं पर सावधानी के साथ विचार-विमर्श करते हुए कोई कानूनी कार्रवाई ना करने का फैसला लिया है.”
सम्राट सरकार ने भी लिया फैसला
नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी एक्शन ना लेने का फैसला सबसे पहले बिहार सरकार ने लिया था. सम्राट सरकार ने आंदोलन के दौरान छात्रों और आम लोगों पर दर्ज पुलिस मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है. इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों को भी जल्द से जल्द रिहा किया जाएगा. आपको बता दें कि पटना समेत राज्यभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें देखने को मिली थीं. पुलिस ने हिंसा और धारा 144 के उल्लंघन में सैकड़ों छात्रों पर मामले दर्ज किए थे.