दिल्ली-NCR में घरों की कीमतें 12% बढ़ीं; औसत रेट पहुंचा 9980 रुपये प्रति वर्ग फुट के पार

प‍िछले साल के मुकाबले दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री 1% घट गई है. इसके बावजूद प्रॉपर्टी के दाम यहां सबसे तेजी से बढ़े हैं. जानिए नोएडा और गुरुग्राम में घर महंगे होने की वजहें क्‍या हैं.

Property Price Hike

दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री घट गई है. फिर भी दाम क्यों भाग रहे हैं? जानिए रियल एस्टेट का पूरा गणित (फाइल फोटो)

क्या आप भी दिल्ली-एनसीआर यानी गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में अपने सपनों का घर खरीदने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो आपने भी महसूस किया होगा कि पिछले कुछ समय में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छूने लगे हैं.

विज्ञापन

एनारॉक (ANAROCK) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री (Housing Sales) में भले ही मामूली गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन प्रॉपर्टी की कीमतें देश के अन्य बड़े शहरों के मुकाबले सबसे तेजी से बढ़ी हैं. आइए, समझते हैं कि बिक्री सुस्त होने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में मकान इतने महंगे क्यों हो रहे हैं.

विज्ञापन

बिक्री में हल्की गिरावट, लेकिन दामों में रिकॉर्ड उछाल

एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 (Q3 2026) की तिमाही के दौरान दिल्ली-एनसीआर में इस तिमाही में 13765 घर बिके, जो पिछले साल इसी अवधि में बिके 13920 मकानों के मुकाबले 1% कम है. भारत के 7 प्रमुख बड़े शहरों MMR, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, चेन्‍नई, हैदराबाद और कोलकाता में औसतन मकानों की कीमतें 7% बढ़कर 9714 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई हैं.

लेक‍िन सभी बड़े मेट्रो शहरों में से दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी की दरों में सबसे तेज सालाना उछाल दर्ज किया गया है. यहां मकानों के दाम में 12 फीसदी तक की तेजी देखी जा रही है.

विज्ञापन

बिक्री कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहे हैं घर के दाम?
आमतौर पर जब मांग घटती है, तो कीमतें कम होती हैं. लेकिन दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में इसका उल्टा क्यों हो रहा है? एक्सपर्ट्स ने इसके 3 बड़े कारण बताए हैं:

जमीन और कंस्ट्रक्शन की बढ़ती लागत
एनारॉक के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद से ही जमीनों के भाव और कंस्ट्रक्शन मटेरियल जैसे क‍ि सीमेंट, सरिया आदि के दाम तेजी से बढ़े हैं. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में अथॉरिटी की नीलामी (Auctions) में जमीनों की दरें काफी ऊंची जा रही हैं, जिससे बिल्डरों की लागत बढ़ गई है.

विज्ञापन

लक्जरी और प्रीमियम सेगमेंट पर बिल्डरों का फोकस
अब बिल्डर सस्ते या अफोर्डेबल मकान बनाने के बजाय लक्जरी और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. जुलाई-सितंबर तिमाही में लॉन्च हुए नए मकानों में से 34% से ज्यादा घर 2.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले थे. महंगे घरों की सप्लाई बढ़ने से ओवरऑल एवरेज प्राइस काफी ऊपर चला गया है.

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
कीमतें बढ़ने के बावजूद लक्जरी सेगमेंट में खरीदार बने हुए हैं. इसका बड़ा कारण नए एक्सप्रेसवे, बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी, नए एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स और रोजगार के बढ़ते अवसर हैं, जो दिल्ली-एनसीआर को रहने के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाते हैं.

विज्ञापन

अगर आप अपने रहने या निवेश (Investment) के लिए दिल्ली-एनसीआर में घर तलाश रहे हैं, तो यह मानकर चलें कि अब बाजार में एंट्री के लिए ज्यादा बजट की जरूरत होगी. कम बजट वाले बायर्स को रीसेल मार्केट या थोड़ा आउटर लोकेशंस का रुख करना पड़ सकता है, क्योंकि नए प्रोजेक्ट्स में डेवलपर्स का पूरा ध्यान प्रीमियम सेगमेंट पर ही है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ