Tulsi Puja Niyam: इन 3 मौकों पर तुलसी को जल चढ़ाना है सख्त मना, वरना रुक सकती है घर की तरक्की

Tulsi Puja: तुलसी घर में धन और सुख की देवी मानी जाती हैं. लेकिन 3 खास अवसरों पर उन्हें जल अर्पित करना वर्जित है. आइए जानते हैं, ये 3 अवसर कौन से हैं और इन पर पूजा न करने से क्या नुकसान हो सकता है?

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Tulsi Puja Niyam: हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र और पूजनीय माना जाता है. इसे सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी का निवास-स्थान कहा गया है. घर में तुलसी की पूजा और जल अर्पित करने से धन, सुख और समृद्धि बनी रहती है. लेकिन कुछ ऐसे समय होते हैं जब तुलसी को जल चढ़ाना पूरी तरह से वर्जित है. इन दिनों गलती करने से घर की तरक्की और धन में बाधा आ सकती है. आइए जानते हैं वे तीन खास अवसर कौन से हैं और क्यों इन पर जल अर्पित करना नहीं चाहिए?

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ग्रहण काल में तुलसी पूजा न करें

सूर्यग्रहण हो या चंद्रग्रहण, इस समय सभी कार्यों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण की नकारात्मकता से बचने के लिए तुलसी के पत्ते भोजन में डालकर ग्रहण पूर्व ही तैयार कर लें. लेकिन ग्रहण काल में तुलसी को पानी देना या पत्ते तोड़ना पूरी तरह मना है.

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ग्रहण का समय आध्यात्मिक दृष्टि से संवेदनशील माना गया है. इस दौरान तुलसी के प्रति किसी भी प्रकार की काम से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है. इसलिए यह सुनिश्चित करें कि ग्रहण के दौरान तुलसी की पूजा या जल अर्पित करने का काम न हो.

रविवार के दिन तुलसी को जल न चढ़ाएं

रविवार का दिन भगवान विष्णु और तुलसी के लिए खास माना गया है. इस दिन तुलसी निर्जला व्रत करती हैं. यदि आप तुलसी को इस दिन जल अर्पित करते हैं, तो उनका व्रत टूट जाता है.

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सांकेतिक रूप से यह माना जाता है कि रविवार को जल अर्पित करने से घर में धन और सुख की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है. इसलिए रविवार के दिन तुलसी को जल देना पूरी तरह से टालें और सिर्फ फूल या मनोभाव से पूजा करें.

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एकादशी पर तुलसी को जल न दें

एकादशी का दिन भी तुलसी के लिए विशेष होता है. हर एकादशी के दिन तुलसी निर्जला व्रत रखती हैं. ऐसे में यदि जल अर्पित किया जाए, तो उनका व्रत टूट सकता है.

एकादशी के दिन तुलसी को जल देने से न केवल आध्यात्मिक नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि घर में धन, स्वास्थ्य और सुख-शांति पर असर पड़ सकता है. इस दिन तुलसी की पूजा शांत मन से और बिना जल के करना सर्वोत्तम माना जाता है.

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हिन्दू धर्म में, तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि घर की समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है. इसे सम्मान और सही समय पर पूजा करना बेहद जरूरी है. मान्यता है, यदि आप इन तीन नियमों का ध्यान रखें, तो तुलसी के आशीर्वाद से आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली बनी रहेगी.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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