श्रावण मास में आयोजित कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के इंतजाम किए हैं. यह यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी. इस दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए उत्तर प्रदेश से दिल्ली होते हुए हरियाणा और राजस्थान की ओर गुजरते हैं.
डीसीपी राहुल अलवाल के नेतृत्व में पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है. तैयारियों के तहत अंतरराज्यीय समन्वय बैठक, विभिन्न विभागों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समितियों के साथ बैठकें आयोजित की गईं. साथ ही कांवड़ ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को विशेष ब्रीफिंग दी गई.
उत्तर-पूर्वी जिले में इस समय 78 कांवड़ शिविर संचालित हैं, जिनमें से 31 शिविर पूरी तरह सक्रिय हैं, जबकि अन्य शिविर भी संचालन की प्रक्रिया में हैं. श्रद्धालुओं की सहायता के लिए धर्मपुरा वाई-पॉइंट, मौजपुर चौक, खजूरी खास चौक और गोकलपुरी टी-पॉइंट पर 24 घंटे कार्यरत चार सब-कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 4 एसीपी, 40 इंस्पेक्टर, 262 अपर अधीनस्थ, 1,145 पुलिसकर्मी और 81 महिला पुलिसकर्मी, यानी कुल 1,533 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा सीएपीएफ के 250 जवान भी दो शिफ्टों में ड्यूटी पर लगाए गए हैं. पुलिस ने 27 पीसीआर वैन, 5 प्रखर वैन और 107 मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग टीमों को भी तैनात किया है.
सभी कांवड़ शिविर संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगाने और मचान बनाकर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 29 जुलाई से 12 अगस्त तक वजीराबाद रोड, जीटी रोड, विकास मार्ग और अन्य प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा. 9 अगस्त सुबह 7 बजे से 12 अगस्त रात 8 बजे तक अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक जीटी रोड आम वाहनों के लिए बंद रहेगा. पुलिस ने लोगों से यात्रा की पहले से योजना बनाने और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.