Kamika Ekadashi Kab Ki Hai: सावन कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 8 अगस्त की दोपहर को 1 बजकर 59 मिनट से लेकर 9 अगस्त की सुबह 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि को महत्व देते हुए, सावन माह की प्रथम एकादशी का व्रत 9 अगस्त को है. ऐसे में आज 9 अगस्त को कामिका एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करें. अनजाने में किए पापों से मुक्ति और विष्णु भगवान की कृपा दृष्टि के लिए कामिका एकादशी का व्रत करना चाहिए.
कामिका एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त (Kamika Ekadashi Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त – 04:22 ए एम से 05:04 ए एम
प्रातः सन्ध्या – 04:43 ए एम से 05:47 ए एम
अभिजित मुहूर्त – 12:00 पी एम से 12:53 पी एम
विजय मुहूर्त – 02:40 पी एम से 03:33 पी एम
गोधूलि मुहूर्त – 07:06 पी एम से 07:27 पी एम
सायाह्न सन्ध्या – 07:06 पी एम से 08:10 पी एम
अमृत काल – 06:42 ए एम से 08:09 ए एम
निशिता मुहूर्त – 12:05 ए एम, 10 अगस्त से 12:48 ए एम, 10 अगस्त
द्विपुष्कर योग – 11:04 ए एम से 02:43 पी एम
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कामिका एकादशी व्रत पूजा विधि (Kamika Ekadashi Vrat Puja Vidhi)
कामिका एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण कर लें. पूजा स्थान की सफाई कर चौकी लगाकर विष्णु जी की प्रतिमा स्थापित करें. विष्णु भगवान को पंचामृत, तुलसी, फल, फूल, तिलक आदि चीजें अर्पित करें. प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें. कामिका एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें. पूजा संपन्न करने से पहले भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं. विष्णु जी की आरती कर पूजा संपन्न करें.
कामिका एकादशी व्रत से जुड़े उपाय
कामिका एकादशी पर पूजा-अर्चना के साथ ही ‘ॐ नमो वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए. आपको जरूरतमंद लोगों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करना चाहिए. दान करना महापुण्य का काम माना जाता है. भगवान विष्णु को पूजा के दौरान तुलसी के पत्ते जरूर अर्पित करें. इससे जीवन में चल रहे कष्टों का अंत होगा. एकादशी व्रत के दिन भक्त विष्णु भगवान के साथ ही मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा कर सकते हैं. इससे धन-धान्य की प्राप्ति होगी. मां लक्ष्मी को धन की देवी के रूप में पूजा जाता है. आप पैसों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इस उपाय को जरूर करना चाहिए.
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