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Mandir Vastu Tips: घर की खुशहाली रोकती हैं मंदिर में रखी ये 5 चीजें, इनसे बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा और अशुभता

Mandir Vastu Tips: क्या आप जानते हैं, कुछ लोग घर के मंदिर में कुछ ऐसी चीजें रख देते हैं, जिनसे आपके मंदिर का माहौल प्रभावित होता है? वास्तु के अनुसार, आइए जानते हैं कि किन 5 वस्तुओं को भूलकर भी मंदिर में नहीं रखना चाहिए? क्योंकि, ये घर की सकारात्मक ऊर्जा को बिगाड़ सकती हैं.

Mandir Vastu Tips: मंदिर किसी भी घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है. यह केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति का स्रोत भी है. लेकिन वास्तु के अनुसार, कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें मंदिर में रखना अशुभ माना जाता है. यदि ये चीजें मंदिर में रखी जाएं, तो घर में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और घर की खुशहाली पर बुरा असर होता है. आइए जानते हैं, किन 5 वस्तुओं को मंदिर में नहीं रखना चाहिए?

खंडित मूर्ति

घर के मंदिर में कभी भी टूटी या खंडित मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. यह अशुभता का प्रतीक मानी जाती है. खंडित मूर्ति घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती है और घर के सदस्यों के मानसिक शांति को प्रभावित कर सकती है. अगर किसी कारणवश मूर्ति टूट जाए, तो उसे किसी नदी, तालाब या नहर में विसर्जित कर देना चाहिए.

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रौद्र रूप वाली प्रतिमा

भगवान के क्रोधित या रौद्र रूप वाली मूर्तियां मंदिर में नहीं रखनी चाहिए. ऐसा करने से यह संकेत मिलता है कि देवी-देवता घर पर क्रोध प्रकट कर रहे हैं. हमेशा शांत और प्रसन्न मुद्रा वाली प्रतिमा रखें, जो आशीर्वाद और सुख-शांति का प्रतीक हो.

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पुराने धूल भरे आइटम

मंदिर में केवल साफ और पवित्र वस्तुएँ ही रखनी चाहिए. पुराने, टूटे या धूल भरे आइटम नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं. यह न केवल पूजा की पवित्रता को कम करता है बल्कि घर के वातावरण को भी भारी बना देता है. नियमित सफाई और सजावट से मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

गैर-धार्मिक वस्तुएं

मंदिर में किसी प्रकार का भारी या गैर-धार्मिक सामान रखना उचित नहीं है. जैसे किताबें, पुराने कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ आदि. यह मंदिर की पवित्रता को कम करता है और मानसिक शांति में बाधा डालता है.

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अशुभ संकेत वाली चीजें

मंदिर में कभी भी अशुभ प्रतीक, अपशब्द या डरावनी चीजें नहीं रखनी चाहिए. जैसे राक्षस या डरावनी मूर्तियां. यह घर में डर और नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं. मंदिर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति का प्रतीक होना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Nov 01, 2025 02:45 PM

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Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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